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मथुरा 29 अगस्त । चिकित्सा शिक्षा एक निरंतर विकसित होता क्षेत्र है। इसे गतिशील स्वरूप प्रदान करने में प्रौद्योगिकी की बहुत बड़ी भूमिका है। चिकित्सकों की निरंतर बदलती भूमिका, बदलती सामाजिक अपेक्षाएं, तेजी से बदलता चिकित्सा विज्ञान और शैक्षणिक तकनीकों की विविधता पर हमारी लगातार नजर है। आने वाले कुछ महीनों में मेडिकल छात्र-छात्राएं इस बदलाव को न केवल देखेंगे बल्कि उसका उन्हें लाभ भी मिलेगा। यह सारगर्भित उद्गार के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने आधुनिक व्याख्यान थिएटर के शुभारम्भ अवसर पर व्यक्त किए।

मां सरस्वती और दादी मां कान्ती देवी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के बाद श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य के सम्पूर्ण पहलुओं में बदलाव लाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है। इस आधुनिक व्याख्यान थिएटर में एक साथ तीन सौ छात्र-छात्राएं अध्ययन कर सकेंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि हमने के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के समूचे कायाकल्प का न केवल संकल्प लिया है बल्कि इसके लिए बजट का प्रावधान भी किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीने बदलाव के होंगे जिसमें सभी के सहयोग की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि के.डी. मेडिकल कॉलेज के सभी व्याख्यान कक्षों को जहां आधुनिक दृश्य-श्रव्य सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा वहीं लाइब्रेरी को भी अपग्रेड कर हम शैक्षणिक विंग को और बेहतर बनाएंगे।

प्राचार्य और डीन डॉ. आर.के. अशोका ने अपने सम्बोधन में कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के परिदृश्य में हाल के दिनों में एक व्यापक बदलाव आया है, जहां केवल पाठ्यपुस्तकीय शिक्षण और शिक्षाप्रद कक्षा शिक्षण पर निर्भर रहने के पारम्परिक दृष्टिकोण की जगह अधिक व्यापक और एकीकृत पद्धति ने ले ली है। डॉ. अशोका ने कहा कि 21वीं सदी के छात्र-छात्राएं पारम्परिक चिकित्सा शिक्षा के बजाय उच्च मानकों को सुनिश्चित करने वाले पाठ्यक्रम, विकसित होती तकनीक तथा विधियों के हिमायती हैं। डॉ. अशोका ने विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ. प्रणीता जसवंत सिंह के आधुनिक व्याख्यान थिएटर की परिकल्पना को पूरा करने के लिए चेयरमैन मनोज अग्रवाल का आभार माना।

डॉ. प्रणीता सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण में आमूलचूल परिवर्तन आया है। बदलती प्रौद्योगिकी और एआई-सक्षम शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रणालियों के आगमन ने न केवल स्वास्थ्य सेवा व्यवसायों को सीखने के अवसरों से सशक्त बनाया बल्कि एक अधिक प्रभावी और लक्ष्य-उन्मुख प्रणाली भी स्थापित की, जिसने यह सुनिश्चित किया कि छात्र-छात्राओं को न केवल बेहतर शिक्षा मिले बल्कि उनके शैक्षणिक विकास में भी उल्लेखनीय सुधार हो। उन्होंने कहा कि बदलती प्रौद्योगिकी ने उन विशिष्ट समस्याओं के समाधान में भी मदद की है जिनके लिए अनुकूलित शिक्षण और प्रशिक्षण समाधानों की आवश्यकता होती है। कार्यकारी निदेशक अरुण अग्रवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि बदलते समय के साथ मेडिकल शिक्षा भी बदल रही है, हम इस बदलाव को शिद्दत से महसूस करते हुए इस पर पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। डॉ. शुभम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से आधुनिक व्याख्यान थिएटर के साफ-सुथरे दृश्य-श्रव्य की झलकियां दिखाईं। शुभारम्भ अवसर पर डॉ. संगीता सिंह, डॉ. सोनम आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर चिकित्सा निदेशक डॉ. राजेन्द्र कुमार भारद्वाज, डॉ. वी.पी. पांडेय, डॉ. मंजू पांडेय, डॉ. अमनजोत कौर आदि विभागाध्यक्षों और प्राध्यापकों ने के.डी. मेडिकल कॉलेज में बढ़ती शिक्षण-प्रशिक्षण सुविधाओं की मुक्तकंठ से सराहना की।

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