मथुरा 12 अक्टूबर। केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान, केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के ऑडिटोरियम में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवागंतुक एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारियों, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और समाज के प्रति चिकित्सकों के दायित्वों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में नवागंतुक विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की नई यात्रा शुरू करने पर शुभकामनाएं देते हुए मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की भावना को सफलता का आधार बताया। प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करें तथा चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल एक डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा और समाज की सेवा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय के सीईओ अरुण अग्रवाल ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुशासन, समय प्रबंधन और शिक्षणेत्तर गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सा क्षेत्र में सफल होने के लिए विषय का ज्ञान होने के साथ संवाद कौशल, टीम भावना, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की समझ भी जरूरी है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और अपने व्यक्तित्व को बहुआयामी बनाएं।
कुलपति डॉ. मनेश लाहौरी ने विद्यार्थियों को चिकित्सा विज्ञान के बदलते स्वरूप से अवगत कराते हुए निरंतर अध्ययन और नई जानकारियों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, शिक्षकों से सीखने और अपने ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों का पालन करना भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में मरीजों को बेहतर और जिम्मेदार चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने नवागंतुक एमबीबीएस विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की शैक्षणिक अपेक्षाओं और चिकित्सकीय जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, कक्षाओं में सक्रिय सहभागिता, अनुशासन और व्यावहारिक प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक कुशल चिकित्सक बनने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ धैर्य, संवेदनशीलता और मरीजों के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना बहुत जरूरी है।
उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर ने विद्यार्थियों को केडी मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में तकनीकी दक्षता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण मरीजों का विश्वास जीतना और उनकी गरिमा का सम्मान करना भी है। उन्होंने नवागंतुक छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपनी शैक्षणिक यात्रा का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। इससे पहले ओरिएंटेशन कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अमनजोत कौर चौहान, डॉ. अम्बरीश कुमार, डॉ. अभिभूषण मिश्रा आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, डॉ. श्याम बिहारी शर्मा, उप-चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण सिसोदिया, उप-महाप्रबंधक मनोज गुप्ता, हॉस्पिटल निदेशक कर्नल संदीप ढींगरा, सभी विभागाध्यक्षों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। अंत में डॉ. प्रणीता जसवंत सिंह ने सभी का आभार मानते हुए नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को चिकित्सा शिक्षा की चुनौतियों, अवसरों और मानवीय दायित्वों को समझने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान किया।










