
हाथरस 05 नवंबर। सनातन हिंदू धर्म में दीपावली से पहले मनाए जाने वाले धनतेरस पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। वर्षों से धनतेरस पर चांदी के सिक्के खरीदने की परंपरा चली आ रही है, जिनका उपयोग दीपावली के दिन पूजन में भी किया जाता है। इसी परंपरा को लेकर डाक टिकट एवं सिक्का संग्रहकर्ता शैलेंद्र वार्ष्णेय सर्राफ ने लोगों से दीपावली पूजन में भारतीय देवी-देवताओं के चित्र वाले सिक्कों का प्रयोग करने की अपील की है। शैलेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि अंग्रेजों के शासनकाल में गणेश-लक्ष्मी के चित्र वाले सिक्के प्रचलन में नहीं थे। ऐसे में लोगों ने अंग्रेजी शासकों के चित्र वाले सिक्कों से पूजा-अर्चना करना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बाजार में गणेश-लक्ष्मी के चित्र वाले सिक्के उपलब्ध हैं, इसलिए लोगों को दीपावली के पावन पर्व पर पूजन के लिए इन्हीं सिक्कों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अंग्रेजी शासकों के चित्र वाले सिक्कों की खरीदारी और उनसे पूजन करने से बचें। उनका कहना है कि अंग्रेजी शासन के दौरान देशवासियों ने अनेक यातनाएं झेलीं, क्रांतिकारियों को फांसी दी गई और देश की संपत्ति लूटी गई। ऐसे में दीपावली जैसे पवित्र पर्व पर पूजन के लिए सनातन धर्म के देवी-देवताओं के चित्र वाले सिक्कों का उपयोग करना चाहिए।






