
सादाबाद 05 नवंबर। सादाबाद में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में सहायक विकास अधिकारी कृषि मुकेश तोमर ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अपील की कि वे सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं और पात्र परिवारों को इन योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं। महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह रोकथाम, दत्तक ग्रहण योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल श्रम, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) की जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे परिवार, जिन्होंने 1 मार्च 2020 के बाद दुर्घटना, आत्महत्या, बीमारी अथवा अन्य किसी कारण से अपने माता-पिता दोनों या उनमें से किसी एक को खो दिया है और परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, उनके पात्र बच्चों को योजना का लाभ दिया जा सकता है। योजना के तहत पात्र परिवार के अधिकतम दो बच्चों को निर्धारित आयु एवं शैक्षिक पात्रता के अनुसार 2,500 रुपये प्रतिमाह प्रति बच्चा आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अपील की कि उनके आसपास या क्षेत्र में ऐसे किसी बच्चे अथवा परिवार की जानकारी हो तो उन्हें योजना के बारे में अवश्य बताएं, ताकि जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता मिल सके और उनका भविष्य बेहतर बनाया जा सके। योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल https://mbsyup.in के माध्यम से स्वयं अथवा जनसेवा केंद्र (CSC) से किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदनों को संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा शहरी क्षेत्र के आवेदनों को संबंधित उपजिलाधिकारी कार्यालय में जमा किया जाना है। इसके बाद सत्यापन एवं जांच के उपरांत पात्र आवेदनों को अग्रसारित किया जाता है। आईसीडीएस विभाग की प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती सोनू आर्या ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों को सक्रिय करने तथा नियमित बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया। साथ ही अगली ब्लॉक स्तरीय त्रैमासिक बैठक में सुरक्षा एवं संरक्षण की आवश्यकता वाली श्रेणी में आने वाले बच्चों को चिह्नित कर उनकी कार्यवृत्त प्रस्तुत करने की बात कही।
वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर मनीषा भारद्वाज ने केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय, मनोसामाजिक परामर्श, चिकित्सीय सहायता एवं पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने दहेज प्रतिषेध अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन, पॉश एक्ट-2013 तथा घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी महिला के साथ शारीरिक, मानसिक अथवा आर्थिक शोषण भी घरेलू हिंसा के दायरे में आता है। ऐसे मामलों को अनदेखा नहीं करना चाहिए, बल्कि समय रहते शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। बैठक में उपनिरीक्षक रवि प्रकाश यादव ने आपातकालीन पुलिस सेवा 112 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित रेस्क्यू प्रकरणों और पुलिस की ओर से की जाने वाली सहायता के बारे में भी अवगत कराया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर प्रेमपाल सिंह, मुख्य सेविका स्मृति एवं रूआ ओझा, आउटरीच कार्यकर्ता बंटी कुशवाह तथा विकासखंड की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं।






