हाथरस 04 नवंबर। सेंट जॉन्स स्कूल मोहनगंज की ओर से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों राष्ट्रपति भवन और कुतुबमीनार का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा और इनके निर्माण, इतिहास तथा वास्तुशिल्प की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। भ्रमण की शुरुआत राष्ट्रपति भवन से हुई। यहां गाइड ने विद्यार्थियों को भवन के ऐतिहासिक महत्व और निर्माण से जुड़ी जानकारियां दीं। छात्रों को बताया गया कि आजादी से पहले राष्ट्रपति भवन को वायसराय हाउस के नाम से जाना जाता था। यह दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्राध्यक्ष आवासों में शामिल है और भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इस दौरान विद्यार्थियों को अशोक हॉल, गणतंत्र मंडप और अमृत उद्यान सहित भवन के प्रमुख आकर्षणों के बारे में जानकारी दी गई।
इसके बाद विद्यार्थियों को महरौली स्थित ऐतिहासिक कुतुबमीनार का भ्रमण कराया गया। यहां गाइड ने बताया कि लगभग 72.5 मीटर ऊंची यह ऐतिहासिक मीनार अपनी अद्भुत वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसकी संरचना में लगभग 379 सीढ़ियां हैं। इसकी ऐतिहासिक एवं स्थापत्य कला संबंधी विशेषताओं के कारण यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्रदान की है। इस शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ देश की ऐतिहासिक धरोहरों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला। भ्रमण के दौरान विद्यालय की प्रबंधक एवं प्रधानाचार्या सुचेता जॉन, उपप्रधानाचार्य विपिन सिंह सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। सभी ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भ्रमण को व्यवस्थित एवं ज्ञानवर्धक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





