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लखनऊ 30 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इनके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। करीब 322 किलोमीटर लंबे इन चार एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 17,542 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनके बनने से आगरा-लखनऊ, गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आपस में सीधे जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क से मजबूत होगी।

अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के मुताबिक, इस नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा किसानों और कृषि उत्पादों के कारोबार से जुड़े लोगों को मिलेगा। दूध, फल और सब्जियों की ढुलाई तेज होने से किसानों के उत्पाद कम समय में बाजार तक पहुंच सकेंगे। लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद दूध के टैंकर, फल-सब्जियों से लदे रेफ्रिजरेटेड वाहन और अन्य मालवाहक वाहन सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे माल परिवहन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।

चार लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा प्रदेश का नेटवर्क

प्रस्तावित चार लिंक एक्सप्रेसवे में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 90.90 किलोमीटर, आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 50.94 किलोमीटर, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 106 किलोमीटर और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 74 किलोमीटर होगी। इनकी कुल लंबाई लगभग 322 किलोमीटर है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे: यह एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद और हरदोई क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे: इसके निर्माण से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल जाने वाले वाहनों को लखनऊ के शहरी यातायात से गुजरने की जरूरत कम होगी। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे: यह एक्सप्रेसवे झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र को प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र और रक्षा औद्योगिक गलियारे तक माल पहुंचाना आसान हो सकेगा। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे: करीब 74 किलोमीटर लंबा यह लिंक एक्सप्रेसवे जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-एनसीआर के साथ एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। चारों लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों, कृषि उत्पादों की ढुलाई और माल परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है।

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