
लखनऊ/हाथरस 28 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नवंबर 2026 के बिजली बिल में बड़ी राहत मिलने जा रही है। फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीएएएस) के तहत उपभोक्ताओं को 9.17 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस राहत का लाभ घरेलू, व्यावसायिक समेत अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अनुसार, यह लगातार पांचवां महीना है, जब नकारात्मक एफपीएएएस के तहत बिजली बिल में राहत दी जा रही है। नवंबर में मिलने वाली यह छूट इस वर्ष अब तक की सबसे अधिक बताई जा रही है। इससे पहले जुलाई में उपभोक्ताओं को 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत, सितंबर में 7.93 प्रतिशत और अक्टूबर में 5.24 प्रतिशत की छूट दी गई थी। नवंबर में यह बढ़कर 9.17 प्रतिशत हो गई है। एफपीएएएस व्यवस्था के तहत बिजली खरीद और ईंधन की वास्तविक लागत, टैरिफ में शामिल लागत से कम होने पर अंतर का लाभ उपभोक्ताओं को बिल में छूट के रूप में दिया जाता है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक, इस राहत से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को करीब 645 करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह छूट उपभोक्ता परिषद की मांग पर विद्युत नियामक आयोग की ओर से जारी आदेश का परिणाम है। इससे पहले जुलाई में भी बिजली उपभोक्ताओं को 4.43 प्रतिशत की छूट मिली थी। उस समय इसे करीब 15 महीने बाद मिली बड़ी राहत बताया गया था। यूपीपीसीएल ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के आदेश के तहत ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) की दर जारी की थी। यह समायोजन अप्रैल की लागत पर आधारित था। जुलाई में मिली छूट से प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 358.31 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। अब नवंबर में छूट बढ़कर 9.17 प्रतिशत होने से उपभोक्ताओं को बिजली बिल के भुगतान में और राहत मिलने की उम्मीद है।










