
लखनऊ 27 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 17,542 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन एक्सप्रेसवे के बनने से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने और आवागमन को गति मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के प्रस्ताव के तहत इन परियोजनाओं का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर कराया जाएगा। स्वीकृत परियोजनाओं में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेजों की कुल लंबाई करीब 90 किलोमीटर होगी। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेजों की कुल लंबाई 106 किलोमीटर और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई 74 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की संभावना है। निर्माण एजेंसियों को परियोजनाएं पूरी करने के बाद पांच साल तक संबंधित एक्सप्रेसवे का रखरखाव भी करना होगा। कैबिनेट ने इसके अलावा झांसी-ललितपुर क्षेत्र में भंडारण क्षमता बढ़ाने, ग्रेटर नोएडा में निवेश और प्रयागराज में 845 आवासों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों से प्रदेश में आधारभूत ढांचे, निवेश और आवासीय सुविधाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।








