
हाथरस 27 अक्टूबर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से अग्रवाल सेवा सदन में ‘अग्निशिखा युवती सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जनपद भर से आईं छात्राओं, युवतियों और परिषद कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे और स्वामी विवेकानंद के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने छात्राओं के स्वाभिमान, नेतृत्व क्षमता, बौद्धिक विकास, सुरक्षा, स्वावलंबन और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विचार रखे। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला छात्रा प्रमुख चंचल कुशवाहा ने सम्मेलन की भूमिका और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘अग्निशिखा युवती सम्मेलन’ का उद्देश्य छात्राओं में स्वाभिमान, नेतृत्व क्षमता, बौद्धिक विकास और सुरक्षा की भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति जब अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग होती है, तभी समर्थ, स्वावलंबी और सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ध्येय-यात्रा और कार्यपद्धति पर विचार रखते हुए प्रांत छात्रा कार्य प्रमुख डॉ. भारती वार्ष्णेय ने कहा कि विद्यार्थी परिषद शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और सामाजिक समरसता के लिए कार्य करती है। उन्होंने छात्राओं को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण सूत्रधार बताते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभा सकती है। सम्मेलन में विशेष रूप से उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हरिगढ़ के विभाग प्रचारक गोविंद जी ने ‘पंच परिवर्तन’ के विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्य अतिथि रेनू गौड ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज की नारी प्रत्येक क्षेत्र में अपनी योग्यता और प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने, आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्यों के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने कहा कि नारी शक्ति की जागृति राष्ट्र के पुनरुत्थान का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने युवा बहनों से भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और संस्कारों को अपनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव की अग्रदूत बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन नगर मंत्री राशि वार्ष्णेय ने किया और अतिथियों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में विभाग संगठन मंत्री दिव्यांशु पचौरी, विभाग संयोजक अमन पाण्डेय, विभाग छात्रा प्रमुख साधना प्रजापति, जिला प्रमुख डॉ. मृदुल दीक्षित, जिला संगठन मंत्री सर्वेश शर्मा, जिला संयोजक माधव अग्निहोत्री, जिला छात्रा प्रमुख चंचल कुशवाहा, गोपेश ठाकुर, राजकुमार, कृष्णगोपाल अग्निहोत्री, वासु वार्ष्णेय, मनु सागर, शनि, श्याम गौतम, अमन प्रजापति, दीपक शर्मा, गौरी, आकाश, भूमिका शर्मा, भूमि चौधरी, गुनगुन, मुस्कान, विजय, ज्योति, रेशमा, लक्ष्मी, दिलराघव और दिव्यांशु भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में छात्राएं एवं परिषद कार्यकर्ता मौजूद रहे।










