सादाबाद 27 अक्टूबर। क्षेत्र के गांव पिपरामई निवासी थलसेना के नायक रास्ते में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह असम में तैनात थे और छुट्टी बिताने के लिए घर लौट रहे थे। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। सैनिक की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया। सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
भवानी शंकर पुत्र विनोद कुमार थलसेना की 1831 मीडियम रेजीमेंट में नायक ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। रविवार को घर लौटते समय रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलने पर परिजन आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भवानी शंकर के पिता विनोद कुमार भी देशसेवा करते हुए शहीद हो गए थे। परिवार में बुजुर्ग मां अनीता देवी और पत्नी उमा हैं। पत्नी दो बच्चों के साथ गांव में रहती हैं। भवानी शंकर छुट्टी में मां और बच्चों के साथ समय बिताने के लिए घर आ रहे थे, लेकिन उनकी असामयिक मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। शोक संवेदना जताने के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ जुटी रही। भवानी शंकर के अंतिम संस्कार से पहले मथुरा से पहुंची 1 कोर ग्रिड सिग्नल रेजीमेंट की टीम ने नायब सूबेदार वाई. पंडित के नेतृत्व में सैन्य सम्मान दिया। वहीं, असम की 1831 मीडियम रेजीमेंट बटालियन से तनवर सिंह सैनिकों के साथ पहुंचे। सैन्य जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को श्रद्धांजलि दी। सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भैया ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद नम आंखों से भवानी शंकर का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान युवाओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाकर वीर सैनिक को अंतिम विदाई दी। देशसेवा करते हुए भवानी शंकर के निधन से गांव में शोक की लहर है।








