हाथरस 27 अक्टूबर। जनपद में टीबी और एचआईवी की रोकथाम, समय पर जांच तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को जिला क्षय रोग केंद्र हाथरस पर टीबी-एचआईवी समन्वय बैठक आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी, लखनऊ के अंतर्गत आयोजित इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार भारती ने की। बैठक का संचालन दिशा क्लस्टर टीम की पदाधिकारी साहिस्ता बदर ने किया। बैठक में नाको विभाग के अंतर्गत कार्यरत काउंसलर, लैब टेक्नीशियन (एलटी), एसएसके टीम के सदस्यों के साथ टीबी विभाग के एसटीएलएस, डीपीटीसी, डीपीपीएमसी एवं डीपीसी उपस्थित रहे। बैठक में टीबी और एचआईवी से संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जांच का दायरा बढ़ाने, मरीजों की समय पर पहचान करने और उन्हें उपचार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
दिशा क्लस्टर टीम की ओर से एचआईवी एवं अन्य यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई), मां से बच्चे में एचआईवी और सिफलिस के संक्रमण की रोकथाम (ईवीटीएचएस), एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी), टीबी-एचआईवी सह-संक्रमण, उच्च जोखिम वाले समूहों (एचआरजी) और लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रमों (टीआई) सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में अधिक से अधिक जांच सुनिश्चित करने, एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें एआरटी की दवाओं एवं उपचार सेवाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया, ताकि जनपद में निर्धारित 95-95-95 लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति की जा सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार भारती ने निर्देश दिए कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को टीबी की जांच के लिए संदर्भित किया जाए। साथ ही, सरकारी अस्पतालों अथवा निजी चिकित्सकों के यहां टीबी का उपचार करा रहे मरीजों की एचआईवी और ब्लड शुगर जांच सुनिश्चित की जाए। एचआईवी जांच के लिए मरीजों को एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र (आईसीटीसी) भेजने पर भी जोर दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मरीजों की पहचान, जांच, परामर्श और उपचार की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। बैठक का समापन जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा किया गया।








