
हाथरस 21 अक्टूबर । हाथरस में दलित युवती से छेड़खानी के करीब एक दशक पुराने मामले में विशेष एससी-एसटी न्यायालय ने आरोपी को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे विशेष न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए दोषी पर अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 7 अगस्त 2014 की है। चंदपा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 18 वर्षीय युवती हाथरस के एक कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष की मेरिट सूची देखकर साइकिल से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसके साथ छेड़खानी की घटना हुई। घटना के बाद युवती के पिता ने चंदपा कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) हर्ष अग्रवाल की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। साक्ष्यों और सुनवाई के बाद न्यायालय ने जावेद पुत्र आफीसर, निवासी काका, थाना चंदपा को दोषी ठहराया। अदालत ने आरोपी को पांच साल के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी किया गया है। न्यायालय के फैसले के साथ ही वर्ष 2014 में दर्ज इस मामले में सुनवाई पूरी हुई।









