
हाथरस 21 अक्टूबर । हाथरस की मंडी समिति में बुधवार को धान की भारी आवक के चलते अव्यवस्थाओं जैसी स्थिति देखने को मिली। करीब 50 हजार क्विंटल धान पहुंचने से मंडी परिसर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से भर गया। अंदर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, वहीं अलीगढ़ रोड पर धान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई। मंडी का गेट बंद होने के कारण कई किसान अपनी उपज लेकर बाहर ही इंतजार करते रहे। मंडी में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार गेट नंबर एक से रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक धान लेकर आने वाले वाहनों को प्रवेश दिया जाता है। बुधवार को धान की अधिक आवक के चलते मंडी परिसर में जगह कम पड़ गई। सुबह 8 बजे के बाद गेट बंद रहने से बाहर खड़े किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। किसान प्रवेश पाने के लिए गेट खुलने का इंतजार करते नजर आए, जबकि ट्रैक्टर चालकों को अपनी बारी आने के लिए घंटों रुकना पड़ा। किसान राम कुमार ने बताया कि वह धान की फसल लेकर रात में ही मंडी पहुंच गए थे, लेकिन सुबह तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें प्रवेश मिलने में परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि घंटों तक कतार में खड़े रहने से किसानों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। वहीं, धान बेचने पहुंचे किसान देवो कुमार ने भी मंडी की स्थिति पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जाम के कारण ट्रैक्टर आगे नहीं बढ़ पा रहे थे और धान को मंडी परिसर के अंदर पहुंचाना मुश्किल हो गया था।
मंडी परिसर में जगह कम पड़ने और गेट बंद होने का असर अलीगढ़ रोड पर भी दिखाई दिया। सड़क किनारे धान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कतार में खड़ी रहीं। कुछ किसान अपने वाहनों के पास इंतजार करते रहे, जबकि अन्य मंडी के गेट पर पहुंचकर प्रवेश को लेकर जानकारी लेते नजर आए। किसानों के अनुसार, पिछले कई दिनों से धान की भारी आवक के बीच मंडी में इंतजार करना बड़ी समस्या बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि वाहनों के प्रवेश, उपज उतरवाने और मंडी परिसर में आवागमन की व्यवस्था सुचारु रखी जाए तो उन्हें काफी राहत मिल सकती है। धान की बंपर आवक के बीच मंडी परिसर में जगह की कमी और प्रवेश के निर्धारित समय के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों की मांग है कि मंडी प्रशासन आवक के अनुसार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए, ताकि किसानों को अपनी उपज लेकर घंटों कतार में खड़े न रहना पड़े और अलीगढ़ रोड पर भी जाम जैसी स्थिति से बचा जा सके।









