हाथरस 17 अक्टूबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने शनिवार को वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति और पीड़ित महिलाओं को प्रदान की जा रही सहायता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेंटर की संचालिका मनीषा भारद्वाज, फारिया नौशी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित मिला। केंद्र पर तीन महिला पीड़िताएं भी मौजूद थीं। सचिव अनु चौधरी ने उनसे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित कर्मचारियों को समस्याओं के प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान केंद्र की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई। सचिव ने वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करते हुए महिलाओं से उन्हें मिल रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि केंद्र पर आने वाली प्रत्येक पीड़िता के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए और उसकी समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके। निरीक्षण का उद्देश्य केंद्र में संचालित विभिन्न सेवाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा महिलाओं और पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी, चिकित्सकीय एवं पुलिस संबंधी सहायता की गुणवत्ता का आकलन करना था। सचिव अनु चौधरी ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक पराविधिक स्वयंसेवक की ड्यूटी वन स्टॉप सेंटर पर लगाई जाती है। यह स्वयंसेवक केंद्र पर आने वाली पीड़ित महिलाओं को विधिक जागरूकता एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करता है। उन्होंने केंद्र की संचालिका को निर्देश दिए कि यहां आने वाली पीड़ित महिलाओं के मामलों की सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस को भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनके मामलों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
नियमित निरीक्षण से सेवाओं की होगी निगरानी
सचिव ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर जैसी संस्थाओं का उद्देश्य जरूरतमंद एवं पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले निरीक्षणों से यह सुनिश्चित किया जाता है कि केंद्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्ठा, संवेदनशीलता और कार्यकुशलता के साथ करें। निरीक्षण के दौरान केंद्र के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनते हुए उन्हें समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए।







