
हाथरस 14 अक्टूबर। वोट चोरी के आरोपों के विरोध और लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा की मांग को लेकर दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के विरोध मार्च में हाथरस जनपद से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर अपनी ताकत का एहसास कराया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनता के मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था के पक्ष में आवाज बुलंद की। पं. विवेक उपाध्याय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी, हाथरस के नेतृत्व में दिल्ली पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च में भाग लिया। इस दौरान चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने की मांग उठाई गई।
लोकतंत्र में जनता का वोट सर्वोपरि: पं. विवेक उपाध्याय
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष पं. विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सर्वोपरि है। वोट की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों का जवाब देना और उनकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है। जनता के मताधिकार के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि हाथरस से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दिल्ली पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। न दबाव, न धमकी और न ही किसी प्रकार की बाधा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हौसले को तोड़ सकती है। जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल
दिल्ली में आयोजित विरोध मार्च में मथुरा प्रसाद कुशवाह, अब्बास हुसैन, राय साहब, श्री कृष्ण एडवोकेट, संतुन सेंगर, ऋचा शर्मा, विजय वाल्मीकि, रामनाथ सिंह जाटव, जैनुद्दीन साहब, विनोद सहयोगी, कृपेन्द्र चौहान, चंद्रभान सिंह, कपिल सिंह, हिमांशु सेंगर, नवीन उपाध्याय, छोटेलाल, विनय प्रकाश, छोटू, सचिन उपाध्याय, मनोज कुमार यादव, वंश यादव, साहब सिंह, जयवीर सिंह राणा, राजेश कुमार गौतम, जय सिंह राणा एवं लाखान सिंह सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया।










