
हाथों में तस्वीरें लेकर लगाए नारे
प्रदर्शन में दीपक शर्मा, संध्या आर्य, शिवम पंडित नगरिया, सुंदरम शर्मा, हर्षित गौड़, देव जायसवाल, अभिषेक रंजन आर्य और सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में युवा पुलिस लाइन पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीरें थीं। इस दौरान उन्होंने ‘सीईसी जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग के समर्थन में अपनी बात रखी।
आंदोलन के नाम पर अराजकता फैलाने का लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि देश में आंदोलन के नाम पर अस्थिरता फैलाने और चुनाव आयोग की छवि खराब करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट और उनकी वर्दियां फाड़े जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दीपक शर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची से कथित फर्जी मतदाताओं और अवैध रूप से शामिल नामों को हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कुछ राजनीतिक समूहों पर चुनाव आयोग को बदनाम करने का आरोप भी लगाया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने के आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाए और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कथित दुष्प्रचार पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान को बनाए रखने की बात कही।










