हाथरस 11 अक्टूबर। रमनपुर रोड स्थित कैलाश नगर के त्रिभैरवनाथ सिद्ध पीठ मंदिर पर रविवार, 11 अक्टूबर को अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रातःकाल माऊली देवी और त्रिभैरवनाथ के पूजन के साथ हवन-यज्ञ प्रारंभ हुआ। डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ और श्रद्धालुओं ने मां काली को भेंट अर्पित की। विधि-विधान से पूजा-अर्चना, आरती और वंदन के बाद माता रानी की पदयात्रा का शुभारंभ किया गया। पदयात्रा का शुभारंभ भाजपा ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉली माहौर, मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, एडवोकेट वासुदेव माहौर और डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर मुख्य व्यवस्थापक सत्येंद्र स्वरूप शर्मा, सौरभ वर्मा, तनु वर्मा और इंजीनियर देव स्वरूप शर्मा ने अतिथियों का पीत पट्टिका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया। आयोजन की व्यवस्थाओं में वार्ड नवल नगर, रमनपुर के सभासद पवन दिवाकर ने भी सहयोग किया।
माता रानी की पदयात्रा में चार घोड़ों से सुसज्जित रथ पर विराजमान माता की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। रथ के आगे मां काली अपने गणों के साथ चल रही थीं। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। महिलाएं भजन-कीर्तन करती हुई चल रही थीं, जबकि पुरुष और महिला श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए पदयात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा। पदयात्रा के दौरान रमनपुर स्थित चामुंडा मैया मंदिर पर विशेष दर्शन किए गए। यहां माता को भोग अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद माता रानी की मनोहर झांकी के साथ यात्रा आगे बढ़ी। श्रद्धालु लगातार भजन गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। पदयात्रा में मनोज दुबे, हरीश वर्मा, प्रमोद वर्मा, सुधाकर सिंह, अजय सिंह, पम्मी शर्मा, मंजू वर्मा, कमला देवी, पवन दिवाकर, सौरभ वर्मा, तनु वर्मा और देव स्वरूप शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। पदयात्रा का समापन कंकाली देवी मंदिर पर हुआ। यहां वेद-विधान के अनुसार माता रानी का पूजन-अर्चन और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी, सातों श्रृंगार और भेंट अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मां कंकाली और माता रानी के जयकारों के साथ धार्मिक पदयात्रा संपन्न हुई।










