अलीगढ़ 10 अक्टूबर। मंगलायतन विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-6 एवं योग क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती व भगवान आशुतोष के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। विद्यार्थियों द्वारा योग नृत्य की मनभावन प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि अपनी मानसिक सेहत और जीवन में लिए गए फैसलों की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति की अपनी होती है। उन्होंने कहा चाहे सलाह माता-पिता, दोस्तों या शिक्षकों से ली गई हो, अंतिम निर्णय और उसके परिणाम की पूरी जिम्मेदारी स्वयं की होती है। दूसरों को दोष देने के बजाय अपने फैसलों को स्वीकारना ही वास्तविक परिपक्वता है। जीवन में कोई एक लक्ष्य हासिल कर लेना ही अंतिम पड़ाव नहीं होता, सफलता के बाद लगातार नए लक्ष्य तय करना और उस दिशा में आगे बढ़ना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ रखती है। डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा ने कहा कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत प्रासंगिक विषय है। यदि कोई यह दावा करता है कि वह पूरी तरह मानसिक रूप से स्वस्थ है, तो ऐसा नहीं है। इस विषय को अक्सर नका रात्मकता से जोड़ा जाता है, जबकि यह हमारे शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही सामान्य और महत्वपूर्ण है। शुभम परिहार ने विषय को विस्तार देते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कल्याण से गहराई से जुड़ा है। यह तय करता है कि हम जीवन में तनाव से कैसे निपटते हैं, रिश्तों को कैसे संभालते हैं और समाज में क्या योगदान देते हैं। वहीं, वंदना यादव ने सामान्य मानसिक बीमारियों और विकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता की कमी के कारण लोग अक्सर इन स्थितियों को समझ नहीं पाते, इसलिए प्रमुख मानसिक बीमारियों के बारे में सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजन भावना राज द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी, प्रो. राजेश उपाध्याय सहित प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।