हाथरस 09 अक्टूबर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य सुचारु, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जनगणना से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पूरी करने और व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक कराया जाएगा। इससे पहले नागरिकों की सुविधा के लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्व-गणना की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को स्व-गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया के संबंध में भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़े जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और सामाजिक-आर्थिक नीतियों के निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इस कार्य को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रत्येक घर और परिवार तक पहुंच बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से छूटने न पाए। साथ ही, जनगणना के दौरान प्राप्त सूचनाओं की शुद्धता और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने जनसामान्य से अपील की कि वे जनगणना-2027 में सक्रिय सहभागिता निभाएं और स्व-गणना की सुविधा का लाभ उठाते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की भावी योजनाओं, नीतियों और विकास की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण आधार है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, समस्त उपजिलाधिकारी, जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





