हाथरस 09 अक्टूबर। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने सासनी कोतवाली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया है। विवेक उपाध्याय के अनुसार, वह तीन दिन दिल्ली में रहने के बाद बीती रात अपने घर लौट आए थे। इसके बावजूद आज सुबह करीब छह बजे सासनी कोतवाली पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर जाने से रोक दिया। विवेक उपाध्याय ने एसपी हाथरस से सवाल करते हुए कहा कि जब वह दिल्ली से वापस लौट चुके हैं, तो अब उन्हें हाउस अरेस्ट करने का क्या औचित्य है? उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में कांग्रेस सांसद एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ उन्हें हौज खास थाने में गिरफ्तार किया जा चुका है। ऐसे में हाथरस लौटने के बाद उन्हें घर पर रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनके भी निजी, पारिवारिक और सामाजिक दायित्व हैं तथा जरूरी कामों से उन्हें बाहर आना-जाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना स्पष्ट कारण बताए पुलिस द्वारा घर पर रोकने की कार्रवाई कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में होने के कारण किसी व्यक्ति को अपनी सामान्य दिनचर्या और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से समझौता करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना विपक्ष का अधिकार है। यदि पुलिस प्रशासन को किसी प्रकार की आपत्ति या आवश्यकता है, तो उसे कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए उसका स्पष्ट आधार बताना चाहिए। उन्होंने मांग की कि एसपी हाथरस मामले का तत्काल संज्ञान लें और स्पष्ट करें कि दिल्ली से लौटने के बाद उन्हें किस आदेश तथा किस आधार पर घर में रोका गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना अपराध नहीं है। पुलिस प्रशासन को कानून का पालन करते हुए नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए। फिलहाल, इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।









