हाथरस 07 अक्टूबर। थाना हाथरस गेट पर वर्ष 2000 में पंजीकृत आर्म्स एक्ट के मुकदमे में पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि की सजा से दंडित किया है। यह कार्रवाई शासन के निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम बताई गई है। पुलिस के अनुसार थाना हाथरस गेट पर मु0अ0सं0-0058/2000, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत रिंकू उर्फ पतरे पुत्र हीरालाल जाटव, निवासी नगला अलगर्जी, थाना हाथरस गेट, जनपद हाथरस के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना पुलिस द्वारा तत्परता और गुणवत्ता बनाए रखते हुए पूरी की गई तथा आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया। अभियुक्त को अधिकाधिक दंडित कराने के उद्देश्य से शासन के दिशा-निर्देशों के तहत इस अभियोग को पैरवी के लिए चिन्हित किया गया था। पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल जनपद हाथरस द्वारा अभियोग की न्यायालय में सुनवाई के दौरान लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावी पैरवी और आवश्यक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अभियोजन शाखा द्वारा भी मामले में प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी और अभियोजन की कार्रवाई के परिणामस्वरूप 07 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायालय श्रीमान जेएम हाथरस द्वारा अभियुक्त रिंकू उर्फ पतरे को जेल में बिताई गई अवधि की सजा से दंडित किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को न्यायालय से दंड दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
वहीं थाना सिकन्द्राराऊ में वर्ष 2011 में पंजीकृत आर्म्स एक्ट के मामले में पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने दो आरोपियों को दंडित किया है। “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन शाखा द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायालय उठने तक की सजा के साथ-साथ अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस के अनुसार थाना सिकन्द्राराऊ पर मु0अ0सं0-603/2011, धारा 5/25 आर्म्स एक्ट के तहत कुल्लन उर्फ भुल्लन पुत्र गोकुल तथा राजपाल सिंह पुत्र घनश्याम सिंह, दोनों निवासी भिसी मिर्जापुर, थाना सिकन्द्राराऊ, जनपद हाथरस के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना पुलिस द्वारा तत्परता के साथ गुणवत्ता बनाए रखते हुए पूर्ण की गई और दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया। शासन के दिशा-निर्देशों के क्रम में तथा पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत अभियुक्तों को अधिकाधिक दंडित कराने के उद्देश्य से इस अभियोग को प्रभावी पैरवी के लिए चिन्हित किया गया था। पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल जनपद हाथरस द्वारा मामले की न्यायालय में सुनवाई के दौरान निकट पर्यवेक्षण रखते हुए सम्यक पैरवी और प्रभावी कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अभियोजन शाखा द्वारा भी न्यायालय में मामले की प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस और अभियोजन की लगातार पैरवी के परिणामस्वरूप 07 अक्टूबर को माननीय न्यायालय श्रीमान जेएम सिकन्द्राराऊ, हाथरस द्वारा अभियुक्त कुल्लन उर्फ भुल्लन और राजपाल सिंह को न्यायालय उठने तक की सजा तथा 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित मुकदमों में प्रभावी पैरवी के जरिए अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इस कार्रवाई का उद्देश्य लंबित अभियोगों में मजबूत पैरवी कर दोषियों को कानून के अनुसार दंड दिलाना और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।









