
हाथरस 07 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ कार्यक्रम के लाइव टेलीकास्ट को लेकर हाथरस कांग्रेस के शहर अध्यक्ष योगेश कुमार ओके ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दाऊजी महाराज के पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के माध्यम से शिक्षकों को कार्यक्रम में सहभागिता के लिए बुलाने के निर्देश जारी किए गए। कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने इसे शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कदम बताते हुए पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। योगेश कुमार ओके ने जारी बयान में केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और महिलाओं से जुड़े अपराधों जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कारणों से जनता में सरकार के प्रति असंतोष है। हालांकि ये राजनीतिक आरोप कांग्रेस शहर अध्यक्ष द्वारा लगाए गए हैं। कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने दावा किया कि 7 अक्टूबर 2026 को दाऊजी महाराज के पंडाल में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट आयोजित किया गया था। उनके अनुसार कार्यक्रम में अपेक्षित संख्या में लोगों के नहीं पहुंचने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस की ओर से खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
योगेश कुमार ओके के अनुसार आदेश में विकास खंड हाथरस, मुरसान और सासनी से 100-100 तथा नगरीय क्षेत्र हाथरस से 50 शिक्षक-शिक्षिकाओं की कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही गई। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि शिक्षकों को उनके शिक्षण कार्य से अलग कर ऐसे कार्यक्रम में भेजने का निर्णय किसके आदेश पर और किस नियम के तहत लिया गया। शहर अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर जल्द ही बेसिक शिक्षा अधिकारी से आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगेगी। आरटीआई के जरिए यह पूछा जाएगा कि शिक्षकों को कार्यक्रम में भेजने का आदेश किस स्तर से जारी हुआ, इसका उद्देश्य क्या था और शिक्षकों को शिक्षण कार्य से विरत कर कार्यक्रम में सहभागिता कराने के लिए किस नियम अथवा शासनादेश का आधार लिया गया। योगेश कुमार ओके ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की तैनाती और उनके शिक्षण कार्य से संबंधित निर्णयों में पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों को किसी प्रशासनिक या आधिकारिक कार्यक्रम में भेजा गया है तो उसके संबंध में जारी आदेश और नियम सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके। वहीं, 7 अक्टूबर को ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ के तहत प्रधानमंत्री का संबोधन देश के विभिन्न स्थानों पर लाइव देखा गया, जिसकी अन्य शहरों में भी रिपोर्टिंग हुई है। हाथरस में शिक्षकों की सहभागिता से संबंधित कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों और आदेश की वास्तविक स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित विभाग के आदेश और उसके आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट होगा।








