
हाथरस 03 अक्टूबर। मेला श्री दाऊजी महाराज के मेला पंडाल में आयोजित युवा सम्मेलन भारी जनसमुदाय की मौजूदगी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरीं। सम्मेलन में युवा शक्ति, भारतीय संस्कृति, संस्कार, बुजुर्गों के अनुभव और युवाओं की बदलती जीवनशैली जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में कन्या गुरुकुल सासनी, सेठ हरचरन दास गर्ल्स इंटर कॉलेज, सरस्वती बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हाथरस जंक्शन, दीप इंटर कॉलेज मेंडू तथा जवाहर स्मारक इंटर कॉलेज मीतई के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और विद्यार्थियों को खूब सराहना मिली। इस दौरान युवा सम्मेलन की शुरुआत, उसके उद्देश्यों और अब तक की यात्रा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान वितरित किए जाने के लिए लाई गई खाद्य सामग्री में से बिस्कुट का एक कार्टून गायब होने का मामला भी सामने आया। कार्यक्रम संयोजक श्रुति मिश्र ने इसकी जानकारी मोबाइल फोन के माध्यम से तत्काल एडीएम वित्त प्रशांत तिवारी को दी। एडीएम ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कराने की बात कही। कार्यक्रम संयोजक के पिता ने इसे कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए विरोधियों द्वारा अपनाए जा रहे कथित हथकंडों में से एक बताया।
2018 में शुरू हुआ था युवा सम्मेलन का सफर
युवा उत्थान अभियान की सूत्रधार शैलजा मिश्र ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2018 में उनकी पहल और संयोजकत्व में पहली बार मेले में युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा और क्षमता को सकारात्मक दिशा में लगाना चाहिए। उन्होंने पीढ़ियों के बीच बढ़ते टकराव और दूरी पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को अपने बुजुर्गों के अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ लेना चाहिए। शैलजा मिश्र ने भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए युवाओं के जीवन में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं की आंखों में जो चमक और ऊर्जा दिखाई देती है, वह मोबाइल फोन के अत्यधिक प्रयोग के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों, संस्कारों और परिवार से जुड़े रहने का आह्वान किया। युवा सम्मेलन की संयोजक श्रुति मिश्र ने युवाओं में बढ़ती संवेदनहीनता और भौतिकवादी प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा ग्रहण करने के बाद नौकरी के लिए विदेश जाने वाले कुछ युवा ऐसे भी हैं, जिन्हें अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने तक का समय नहीं मिल पाता। उन्होंने स्वामी विवेकानंद द्वारा बताई गई युवाओं की परिभाषा का उल्लेख करते हुए युवाओं को उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। केके दीक्षित एडवोकेट ने श्रुति मिश्र के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में युवा सम्मेलन को बड़े स्तर पर सफल बनाना सराहनीय कार्य है और इसके लिए वह सम्मान की पात्र हैं।
आज के युवा ही कल होंगे बुजुर्ग
पर्यावरण सुरक्षा संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भवतोष मिश्र ने पीढ़ियों के रिश्ते और पारिवारिक संस्कारों पर विचार रखते हुए कहा कि कई बार युवा अपने पिता से यह कहकर उनका अपमान कर देते हैं कि उन्हें कुछ नहीं आता या उन्होंने उनके लिए क्या किया। उन्होंने कहा कि जब यही सवाल आगे चलकर उनकी अपनी संतान उनसे करती है, तब उन्हें एहसास होता है कि उन्होंने अपने पिता का कितना दिल दुखाया था। उन्होंने कहा कि जो आज युवा हैं, वे कल बुजुर्ग होंगे और जो आज बुजुर्ग हैं, वे कभी युवा थे—यह जीवन का चक्र है। उन्होंने युवाओं से अपनी बात विधिसम्मत तरीके से रखने और अपनी समस्याओं का समाधान भी विधिक दायरे में रहकर तलाशने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बाबा देवी सिंह निडर ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी संदीप दीपक, सरस्वती बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हाथरस जंक्शन की प्रबंधक सुमन सेंगर, कन्या गुरुकुल सासनी की मुख्य अधिष्ठात्री डॉ. पवित्रा शर्मा, जवाहर स्मारक इंटर कॉलेज मीतई के प्रधानाचार्य एस.पी. यादव, व्यापारी नेता हरिमोहन शर्मा गुरुजी, धर्माचार्य डॉ. गणेश चंद्र वशिष्ठ, डॉ. भारती वार्ष्णेय, रीता भारती, प्रमिला यादव, सुंदर आर्य, आनंद कुमार, रवेंद्र कुमार सिंह, वीरेंद्र सिंह पुंडीर, लवकुश भारद्वाज एडवोकेट, लघु सिंचाई विभाग की जेई प्रीति शर्मा, पूनम सेंगर, सीमा गुप्ता, गुड्डी देवी सखूजा, शशि, अंजू दीपक, गौरव मिश्र, बबीता चौहान, दिनेश शर्मा, नीलम देवी मिश्र, सुमित शेट्टी सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




