हाथरस 02 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में गांधी जयंती के अवसर पर जनपद न्यायालय, हाथरस में पोक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों एवं कानूनी परिणामों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया गया। जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स एवं जनपद न्यायालय के कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रभातफेरी का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय ने जनपद न्यायालय परिसर से किया। प्रभातफेरी में सुरजोबाई कन्या इंटर कॉलेज, पी.बी.ए.एस. इंटर कॉलेज तथा सीएलआरएन सेकसरिया इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ एनसीसी के छात्र एवं न्यायालय कर्मचारी शामिल रहे। प्रभातफेरी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरी। इस दौरान पोक्सो अधिनियम-2012 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों से संबंधित पंपलेट वितरित कर एवं स्लोगन पट्टियों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण के बाद प्रभातफेरी का समापन जनपद न्यायालय परिसर में हुआ। इसी क्रम में जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय एवं प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय विजय कुमार डूंगराकोटि ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण किया। इसके बाद जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान सुरजोबाई कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने पोक्सो अधिनियम-2012 पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्राओं ने पोक्सो कानून के प्रावधानों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति उपस्थित लोगों को जागरूक किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन वर्ष 1987 में हुआ था। इसका प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति जानकारी अथवा आर्थिक अभाव के कारण न्याय पाने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समिति, पैनल अधिवक्ता, समाजसेवी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और गांव-गांव तथा शहर-शहर में शिविर आयोजित कर पोक्सो अधिनियम-2012 के संबंध में आमजन को जागरूक किया जाना आवश्यक है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन और जनपद न्यायाधीश के आदेश के अनुपालन में विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज, गांव, शहर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, डाकघर एवं अस्पताल सहित विभिन्न स्थानों पर आमजन को विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों और पोक्सो अधिनियम के संबंध में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि समाजसेवी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, पैनल अधिवक्ताओं, पराविधिक स्वयंसेवकों एवं विधि छात्रों के सहयोग से यह अभियान संचालित किया जा रहा है, ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय विजय कुमार डूंगराकोटि, अपर जनपद न्यायाधीश संगीता शर्मा, हर्ष अग्रवाल, विजय कुमार, निर्भय नारायण राय, शैलेन्द्र सिंह, प्रशान्त कुमार, सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) आकांक्षा गर्ग, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपकनाथ सरस्वती, सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) त्वरित न्यायालय ईशा अग्रवाल, सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) सारांश शर्मा, सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) एफटीसी प्रथम रोबिन कुमार एवं सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) एफटीसी द्वितीय अरिजीत सिंह सहित न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





