मथुरा 01 अक्टूबर। बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार और विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राजीव इंटरनेशनल स्कूल में बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी अनुचित परिस्थिति में सहायता लेने के अधिकार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एसीजेएम मथुरा वरुण कौशिक ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि असहज या अनुचित व्यवहार को चुपचाप सहना नहीं चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर अभिभावक, शिक्षक या संबंधित सक्षम व्यक्ति से अपनी बात साझा करनी चाहिए। विधि विशेषज्ञ अधिवक्ता कृष्ण जीवन गौड़ ने बच्चों को उनके अधिकारों और कानून द्वारा उपलब्ध संरक्षण की जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी ऐसी स्थिति को छिपाने के बजाय विश्वासपात्र व्यक्ति को बताना जरूरी है। अधिवक्ता आदित्य चतुर्वेदी ने छात्र-छात्राओं को कानून की उपयोगिता समझाते हुए कहा कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण देने के लिए बनाया गया महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने बच्चों को अपने आसपास के वातावरण के प्रति सजग रहने तथा किसी भी संदिग्ध या अनुचित स्थिति में तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
अधिवक्ता स्वधा शर्मा ने बच्चों की सुरक्षा में जागरूकता और संवाद की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे अपनी समस्याओं को लेकर संकोच न करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा भरोसेमंद बड़ों से खुलकर बात करने का संदेश दिया। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और संरक्षणपूर्ण वातावरण मिलना उसका अधिकार है। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि उनकी सुरक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या को गम्भीरता से लेना और समय पर सहायता मांगना आवश्यक है। आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि विद्यालय का प्रयास सदैव ऐसा वातावरण निर्मित करना है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी बिना भय के अपनी बात कह सके। विद्यालय के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारी और विधि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय की प्रधानाचार्या नंदिता ढींगरा ने अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया तथा उनके बहुमूल्य समय, ज्ञान और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में चुप रहने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति से अपनी बात साझा करें। कार्यशाला ने विद्यार्थियों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और सजग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।









