हाथरस 25 सितम्बर। 115वें लक्खी एवं तृतीय प्रांतीयकृत मेला श्री दाऊजी महाराज के मुख्य मेला पंडाल में पंचायती राज, सहकारिता एवं कृषि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, किसानों, प्रधानों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा एवं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक जादौन ने की। इस अवसर पर शरद माहेश्वरी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजपा, रामवीर सिंह परमार, राजेश सिंह गुड्डू, प्रहलाद सिंह सिसोदिया एवं योगेंद्र गहलोत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि मुनि प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम के संयोजक जितेंद्र शर्मा रहे, जबकि मनोज सिसोदिया एडवोकेट, प्रधान परसारा कार्यक्रम सह संयोजक रहे। इसके अलावा योगेंद्र यादव, ए.के. सिंह, धर्मपाल सिंह, बबलू प्रधान एवं प्रशांत कुमार सिंह सहित अन्य लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद अतिथियों एवं वक्ताओं ने पंचायती राज व्यवस्था, सहकारिता और कृषि से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे तथा ग्रामीण विकास एवं किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की।
सम्मेलन में जयपाल सिंह, बबलू सिसोदिया, देवेंद्र राघव, सत्यभान सिंह, शिशुपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, ओमी पहलवान, लाखन सिंह, प्रवीण कुमार, अशोक कुमार, पप्पी पहलवान, मोतीराम, अर्जुन सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों में उप कृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राकेश शंकर श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी निखिल देव तिवारी, जिला सीवीओ विजय सिंह यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा नानक चंद पचौरी, आई.के. राणा, वीरी सिंह राणा, ललित लालता, भूपेंद्र सिंह, नरेंद्र, नवीन प्रधान, विजेंद्र प्रधान, शर्मा, शिवकुमार शर्मा, सद्दाम खां, ओमपाल, नरेंद्र सिंह एवं धीरेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्यजन एवं कई कविगण कार्यक्रम में शामिल हुए। वक्ताओं ने सम्मेलन को ग्रामीण क्षेत्र, किसान एवं पंचायत व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी बताते हुए सभी से विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, किसानों, प्रधानों एवं आयोजकों ने सहभागिता की। सम्मेलन के दौरान उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की और दाऊजी मेले को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता के विभिन्न आयोजनों का महत्वपूर्ण मंच बताया।











