
हाथरस 23 सितम्बर। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों के हित में संचालित मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के शुभारंभ के अवसर पर अलीगढ़ रोड स्थित रामोजी रिसोर्ट में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने की। इस दौरान विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से बटन दबाकर किया। जनपद स्तर पर रामोजी रिसोर्ट में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने मुख्यमंत्री का उद्बोधन सुना तथा योजना पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया। कार्यक्रम संयोजक एवं निदेशक यू.पी.सी.बी. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को समृद्धि की ओर ले जाने के लिए सहकारिता को आधार बनाया गया है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए और ऋण वितरण में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसानों को दीर्घकालीन अवधि के लिए ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। सहकारी समितियों एवं संस्थाओं के पदाधिकारियों से उन्होंने अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान कराने तथा किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। एआर कोऑपरेटिव राकेश शंकर श्रीवास्तव ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों को कृषि, कृषि आधारित गतिविधियों तथा अकृषि क्षेत्र में आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के तहत पात्र लघु एवं सीमांत कृषकों को 6 प्रतिशत की प्रभावी रियायती वार्षिक ब्याज दर पर 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण की अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक होगी। उन्होंने बताया कि ऋण की किस्तों का समय से भुगतान करने वाले लाभार्थियों को राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाएगा। ऋण की अदायगी आसान किस्तों में की जा सकेगी। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि, निदेशक सहकारिता समिति, जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।







