
हाथरस 22 सितम्बर। श्री दाऊजी महाराज के 115वें मेले के मंदिर परिसर में आयोजित श्री वेद भगवान शिविर में मानव सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र शर्मा, आचार्य वागीश कुमार शर्मा, आचार्य संतोष मुखिया जी एवं पं. भगवती प्रसाद शर्मा ने गणपति गणेश और चारों वेदों के समक्ष सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन में आचार्य संतोष मुखिया जी ने भगवान हनुमान द्वारा ब्राह्मण का रूप धारण कर भगवान श्रीराम के समक्ष पहुंचने और उन्हें अपना प्रभु पहचानकर प्रणाम करने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने ऋषिमूक पर्वत पर हनुमान जी द्वारा सुग्रीव और भगवान श्रीराम की मित्रता कराने तथा माता सीता की खोज का मार्ग प्रशस्त करने का सुंदर वर्णन किया। पं. भगवती प्रसाद शर्मा ने भगवान श्रीराम की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। वहीं आचार्य वागीश कुमार शर्मा ने हनुमान जी के लंका पहुंचने, लंका में प्रवेश करने के दौरान देखे गए भव्य मंदिरों और योद्धाओं के मल्ल युद्ध सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि विभीषण से जानकारी मिलने के बाद हनुमान जी अशोक वाटिका पहुंचे और माता सीता को भगवान श्रीराम की मुद्रिका देकर उनके चरणों में प्रणाम कर आशीर्वाद लिया।
सम्मेलन में हनुमान जी को बलशाली इंद्रजीत द्वारा ब्रह्मास्त्र से बांधकर रावण के समक्ष प्रस्तुत करने, रावण और हनुमान जी के संवाद तथा इसके बाद लंका दहन के प्रसंग का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। इन प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति, समर्पण और धर्म की विजय का संदेश दिया गया। अन्य भक्तजनों ने भी अपने प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया। कार्यक्रम में धीरेंद्र अग्निहोत्री, मनोज अग्निहोत्री, शैलेंद्र शर्मा, सचिन शर्मा, संतोष मुखिया जी, भगवती प्रसाद शर्मा, अतुल शर्मा, ओम शर्मा, राकेश उपाध्याय, रोहित शर्मा, विशाल शर्मा, शिवम भारद्वाज, युवा ब्राह्मण महासभा के सत्येंद्र स्वरूप शर्मा, बृजेश वशिष्ठ, पं. गोविंद रावत, आचार्य वागीश कुमार शर्मा, कालीचरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान श्रद्धालुओं ने आरती-वंदन किया। श्रीरामायण जी की आरती एवं भगवान श्रीराम की स्तुति से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का कार्यभार इंजीनियर देवेंद्र स्वरूप शर्मा ने व्यवस्थित रूप से संभाला। अंत में भक्तजनों को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद भगवान श्रीरामचंद्र जी, वेद भगवान, धर्म और दाऊजी महाराज के जयघोष के साथ मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो’, ‘दाऊजी महाराज की जय’, ‘रेवती मैया की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाए। इसी के साथ मानव सम्मेलन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।









