
हाथरस 16 सितम्बर। सदर कोतवाली क्षेत्र के बुर्ज वाला कुआं स्थित भगवान परशुराम जी की आदमकद प्रतिमा खंडित किए जाने का मामला सामने आया है। प्रतिमा खंडित होने की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हलचल मच गई और बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और इलाका पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने लोगों को मामले की जांच कर जल्द खुलासा करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। घटना को लेकर ब्राह्मण समाज के लोगों में आक्रोश है। समाज के लोगों ने पुलिस और प्रशासन से प्रतिमा खंडित करने वाले आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस द्वारा घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा पुलिस अन्य पहलुओं से भी मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय भी मौके पर पहुंची। उन्होंने ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ बुर्ज वाला कुआं पर सीओ सिटी हिमांशु माथुर को शिकायत पत्र भी दिया। उन्होंने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। सीमा उपाध्याय ने कहा कि भगवान परशुराम की प्रतिमा तोड़े जाने से समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने सीओ सिटी से सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी की जल्द पहचान कर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने मांग की कि मामले में ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें एक युवक प्रतिमा पर कुछ फेंकता नजर आ रहा है। इस मौके पर योगेंद्र शर्मा, प्रशांत शर्मा, शरद उपाध्याय नन्दा, संजय शर्मा, शरद उपाध्याय, रजत चतुर्वेदी, दिलीप उपाध्याय, संजीव उपाध्याय सहित समाज के अन्य लोग मौजूद थे। एएसपी रामानंद कुशवाह ने बताया कि आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं।








