
हाथरस 15 सितम्बर। 17 सितंबर (बल्देव छठ) से शुरू होने वाले ब्रजक्षेत्र के प्रसिद्ध एवं आस्था के प्रतीक 115वें एवं तृतीय प्रांतीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज को भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा समेत जिला स्तरीय अधिकारियों, समन्वयकों और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ मेला पंडाल में बैठक की। डीएम ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनभागीदारी और आमजन की आकांक्षाओं के अनुरूप इस बार मेले का आयोजन और अधिक भव्य एवं व्यवस्थित रूप से कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को आपस में मोबाइल नंबर साझा करने तथा शिफ्ट समाप्त होने से पहले संबंधित अधिकारी को समुचित हैंडओवर देने के निर्देश दिए, ताकि व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, विद्युत व्यवस्था और कंट्रोल रूम की जानकारी प्रत्येक ड्यूटी प्वाइंट पर उपलब्ध रखने को कहा गया। डीएम ने भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी श्रद्धालु को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल संबंधित टीम को सूचना देकर उपचार उपलब्ध कराया जाए। सभी अधिकारी मौके पर भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण करें और समस्या सामने आते ही उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
सेक्टर मजिस्ट्रेट और प्रभारी मजिस्ट्रेटों को निर्धारित ड्यूटी स्थल पर पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित ड्यूटी स्थल पर रिलीवर नहीं पहुंचता, तब तक कोई भी अधिकारी अपना ड्यूटी स्थल नहीं छोड़ेगा। मेला परिसर में शांति, सुरक्षा, साफ-सफाई, विद्युत और पेयजल सहित सभी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि मेले में हर दिन और हर समय नई चुनौती सामने आ सकती है, इसलिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने बताया कि निर्धारित ड्यूटी स्थलों के साथ पार्किंग क्षेत्रों में भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मेला परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
एसपी ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों एवं अन्य अधिकारियों से ड्यूटी के दौरान पहचान के लिए आई-कार्ड अनिवार्य रूप से धारण करने को कहा। उन्होंने आपसी समन्वय और सहयोग के साथ काम करने तथा ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार के विवाद से बचने के निर्देश दिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि मेला सुरक्षित, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हो। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने मेले में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, प्रवेश-निकासी व्यवस्था और पार्किंग स्थलों की जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस बल की तैनाती, वॉच टावर और यातायात व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। जिला अग्निशमन अधिकारी ने फायर टेंडर और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता तथा आग से बचाव के उपायों के बारे में बताया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मेले में स्थापित किए जाने वाले स्वास्थ्य शिविरों और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि चार एंबुलेंस तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सकों और मेडिकल टीम की तैनाती रहेगी। उन्होंने फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट/प्रभारी मजिस्ट्रेट सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।










