Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 14 सितम्बर। जैन समाज के महापर्व पर्युषण पर्व के अंतिम दिन संवत्सरी दिवस के अवसर पर लोहिया धर्मशाला, डिब्बा गली स्थित जैन स्थानक में धर्मसभा का आयोजन किया गया। दिल्ली से आए स्वाध्याय बंधु महेंद्र जैन एवं सुलेख जैन ने श्रद्धालुओं को संवत्सरी पर्व के महत्व से अवगत कराते हुए क्षमा, मैत्री, आत्मशुद्धि और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संवत्सरी जैन धर्म का प्राण है और यह पर्व वैर-विरोध, कटुता तथा अहंकार को समाप्त कर अंतःकरण को निर्मल बनाने की प्रेरणा देता है। स्वाध्याय बंधुओं ने कहा कि “खामेमि सव्वे जीवा, सव्वे जीवा खमंतु मे” की भावना के साथ प्रत्येक व्यक्ति को वर्षभर में मन, वचन और काया से जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगनी चाहिए और दूसरों को भी हृदय से क्षमा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से क्षमायाचना और क्षमा करना ही आत्मा की वास्तविक शुद्धि का मार्ग है। धर्मसभा में श्रद्धालुओं को उपवास, पौषध, सामायिक एवं तप-आराधना के माध्यम से जीवन में करुणा, सरलता और समभाव अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

संवत्सरी दिवस के पावन अवसर पर आध्यात्मिक चेतना, आत्मकल्याण एवं विश्व शांति की मंगलकामना के साथ 24 घंटे का अखंड नवकार महामंत्र जप भी भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। स्वाध्याय बंधुओं ने बताया कि अखंड नवकार महामंत्र जप से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा साधक को प्रभु स्मरण और आत्मचिंतन की ओर प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के दौरान जैन समाज के लोगों ने पर्युषण पर्व की आराधना के समापन अवसर पर आपसी प्रेम, भाईचारे और क्षमाभाव को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। धर्मसभा में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे। इस अवसर पर लोहिया धर्मशाला के प्रबंधक मंत्री सुरेश चंद्र जैन, संजीव जैन भूरा, प्रदेश महामंत्री दिगंबर जैन मंदिर सुनील वर्मा, अध्यक्ष मनोज जैन, अतुल कुमार जैन एडवोकेट, सलिल जैन, विजय जैन, मयंक जैन, अनिल कुमार जैन, राज कुमार बठिया, कोषाध्यक्ष अरुण जैन, मनु जैन, सोनू जैन, बलवीर जैन, मंजू जैन, पूजा जैन, रेनू जैन, पूनम जैन, लीना जैन सहित समाज के अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page