
हाथरस 14 सितम्बर। शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदरों के हमले की घटनाओं के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे आदर्श नगर निवासी शांतनु सिंह पुत्र वीरेश कुमार सिंह अपनी पत्नी और अबोध बालक के साथ स्कूटी से बाजार जा रहे थे। बिजली कॉटन मिल के सामने अचानक एक बंदर ने उनकी स्कूटी पर हमला कर दिया। बंदर के हमले से स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में शांतनु सिंह के घुटने में फ्रैक्चर हो गया, जबकि उनकी पत्नी और अबोध बालक को भी गंभीर चोटें आईं। तीनों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शांतनु सिंह का ऑपरेशन किया जा रहा है। घटना को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुनीता कुमारी ने नगर पालिका प्रशासन पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि हाथरस शहर में बंदर अब लोगों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। आए दिन राह चलते लोगों पर बंदरों के हमले हो रहे हैं। कई बार छतों से गिरकर लोग घायल हो चुके हैं और बंदरों के काटने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।
सुनीता कुमारी ने कहा कि नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता दिवाकर के कार्यकाल में लेबर कॉलोनी स्थित पार्क में एक बार बंदर पकड़ने का अभियान चलाया गया था, लेकिन उसके बाद वर्षों बीत जाने के बावजूद अभियान को नियमित रूप से नहीं चलाया गया। इसके चलते बंदरों की संख्या और लोगों के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन सहित शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थान भी बंदरों और आवारा पशुओं के आतंक से अछूते नहीं हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने नगर पालिका प्रशासन से बंदरों और आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए तत्काल व्यापक अभियान चलाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता की जान जोखिम में डालकर नगर पालिका प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकता। अब केवल खानापूर्ति नहीं, बल्कि शहरवासियों को बंदरों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।










