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हाथरस 11 सितम्बर। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश विनय कुमार के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय हाथरस में लघु आपराधिक वादों के निस्तारण के लिए तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित विशेष लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों की उपस्थिति रही। विशेष लोक अदालत में कुल 32 वादों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हाथरस सूरज मिश्रा के न्यायालय से 17 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय से पांच कंटेंशियस वादों का निस्तारण करते हुए 66,900 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। वहीं सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय ईशा अग्रवाल के न्यायालय से एक लघु आपराधिक वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट सिकंदराराऊ दीपा सैनी के न्यायालय से तीन, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय रोबिन सिंह के न्यायालय से तीन, न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद नेपाल सिंह के न्यायालय से दो तथा अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन), सादाबाद शिव कुमार यादव के न्यायालय से एक लघु आपराधिक वाद का निस्तारण किया गया।

इस दौरान अपर जनपद न्यायाधीश एवं लोक अदालत के नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं वादकारी उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने बताया कि जनपद हाथरस में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें शमनीय वाद, दीवानी एवं राजस्व वाद, मोटर वाहन दुर्घटना वाद, पारिवारिक वाद, बैंक वसूली, धारा 138 एनआई एक्ट, विद्युत चोरी, नगर निगम, वाटर टैक्स, जलकर, स्थायी लोक अदालत और जिला उपभोक्ता संबंधी मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाते हुए अपने लंबित वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराएं। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों में अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा दोनों पक्षों की जीत होती है। इसके साथ ही लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित सिविल वादों में कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।

 

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