
हाथरस 07 सितम्बर। उत्तर मध्य रेलवे के ब्रांच लाइन स्टेशन हाथरस किला के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्टेशन पर नया सिग्नल रूम पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और जल्द ही यहां ट्रेनों का संचालन आधुनिक स्वचालित सिग्नल प्रणाली के माध्यम से शुरू होने की उम्मीद है। अभी तक हाथरस किला स्टेशन पर हाथरस जंक्शन की पुरानी सिग्नल व्यवस्था लागू थी, जिसके कारण ट्रेनों के आवागमन के दौरान किला रेलवे फाटक काफी देर तक बंद रखना पड़ता था। इससे फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं और शहरवासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता था।
नई स्वचालित सिग्नल प्रणाली शुरू होने के बाद सिग्नलिंग प्रक्रिया अधिक सटीक और तेज होगी। इससे ट्रेनों को गुजारने में लगने वाला समय कम होने के साथ ही रेलवे फाटक के बंद रहने की अवधि भी घटने की उम्मीद है। नए सिग्नल रूम को अत्याधुनिक मशीनों और डिजिटल पैनल से लैस किया गया है। सिग्नलिंग से संबंधित केबल बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है और अब मशीनों की कनेक्टिविटी तथा तकनीकी परीक्षण का काम अंतिम चरण में चल रहा है। आधुनिक व्यवस्था लागू होने से ट्रेनों के परिचालन में संरक्षा और गति दोनों में सुधार होगा।
किला रेलवे फाटक लंबे समय से शहर में जाम का प्रमुख कारण बना हुआ है। पुरानी सिग्नल व्यवस्था के चलते ट्रेन आने से काफी पहले फाटक बंद कर दिया जाता था, जिससे वाहन चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद फाटक कम समय के लिए बंद रहने से लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी, प्रयागराज, अमित कुमार सिंह ने बताया कि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य कराए जा रहे हैं। हाथरस किला स्टेशन पर आधुनिक सिग्नल प्रणाली की शुरुआत को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











