
हाथरस 06 सितम्बर । संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक संगठन के संस्थापक कन्हैया वार्ष्णेय के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ व्यापारियों की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय ने की, जबकि संचालन जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय ने किया। बैठक में वरिष्ठ व्यापारियों की वृद्धावस्था में आर्थिक परेशानियों और सामाजिक सुरक्षा के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री के नाम विस्तृत मांग-पत्र जिलाधिकारी हाथरस के माध्यम से भेजने का निर्णय लिया गया। संगठन ने मांग की कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले प्रत्येक पंजीकृत छोटे एवं खुदरा व्यापारी को न्यूनतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गारंटीड पेंशन दी जाए। इसके साथ ही व्यापारी द्वारा जीवनभर जमा किए गए जीएसटी और आयकर के अनुपात में पेंशन स्लैब निर्धारित किया जाए, जिसके तहत 10 वर्ष तक नियमित कर भुगतान करने वाले व्यापारियों को 15 हजार रुपये, 20 वर्ष तक कर चुकाने वालों को 25 हजार रुपये तथा 30 वर्ष से अधिक समय तक कर भुगतान करने वाले वरिष्ठ व्यापारियों को 36 हजार रुपये प्रतिमाह तक पेंशन दिए जाने की मांग की गई। संस्थापक राजीव वार्ष्णेय एवं विपिन वार्ष्णेय ने कहा कि पेंशन व्यापारियों पर सरकार का एहसान नहीं, बल्कि जीवनभर ईमानदारी से टैक्स देने वाले व्यापारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा अधिकार है। उन्होंने सुझाव दिया कि व्यापारियों से प्राप्त जीएसटी राजस्व में से 0.5 से 1 प्रतिशत राशि अलग रखकर ‘व्यापारी सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन फंड’ बनाया जा सकता है। बैठक में वरिष्ठ व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संस्थापक कन्हैया वार्ष्णेय एवं जिला अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ अनेक व्यापारी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने लगते हैं और आर्थिक रूप से परिवार पर निर्भर हो जाते हैं। ऐसे में आयुष्मान योजना की तर्ज पर प्रत्येक पंजीकृत वरिष्ठ व्यापारी एवं उसके परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा कवर दिया जाना चाहिए। साथ ही आकस्मिक मृत्यु अथवा दिव्यांगता की स्थिति में व्यापारी दुर्घटना सहायता राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किए जाने की मांग की गई। व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के बीच सामाजिक सुरक्षा को लेकर समानता का सवाल भी उठाया। जिला महामंत्री रविंद्र सिंह एवं जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सीमित अवधि के कार्यकाल के बाद भी विभिन्न सुविधाएं मिलती हैं, जबकि व्यापारी दशकों तक कारोबार कर सरकार को राजस्व देने के बावजूद वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में जो राजनीतिक दल व्यापारी पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को अपने घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल कर ठोस नीति बनाएगा, व्यापारी समाज उसके समर्थन पर विचार करेगा। बैठक में व्यापारियों ने 18 से 60 वर्ष तक लगातार मेहनत करने वाले कारोबारी वर्ग के लिए आर्थिक गरिमा और सामाजिक सुरक्षा को जरूरी बताया। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज वार्ष्णेय, अंकित वार्ष्णेय एवं जिला उपाध्यक्ष वकील वार्ष्णेय ने कहा कि व्यापारी समाज ने मंदी, नोटबंदी, कोरोना महामारी सहित विभिन्न संकटों के दौरान सरकार और समाज का सहयोग किया है। ऐसे में जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में लगाने वाले व्यापारियों को टैक्स स्लैब आधारित पेंशन और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके अलावा संगठन ने चुनावी घोषणापत्रों में किए जाने वाले वादों पर कानूनी जवाबदेही तय करने के लिए कानून बनाए जाने की मांग की। संगठन का कहना है कि चुनाव के समय राजनीतिक दल व्यापारियों से जुड़े अनेक वादे करते हैं, लेकिन सरकार बनने के बाद कई घोषणाएं लागू नहीं हो पातीं। ऐसे में यदि किसी राजनीतिक दल द्वारा अपने घोषणापत्र में व्यापारी पेंशन लागू करने का वादा किया जाता है तो उसे सत्ता में आने के एक वर्ष के भीतर लागू करना अनिवार्य किया जाए और ऐसा न होने पर संबंधित व्यापारी संगठनों को कानूनी कार्रवाई का अधिकार दिया जाए। बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि संगठन का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत मांग-पत्र सौंपेगा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर से व्यापारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो तहसील स्तर से प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान और शांतिपूर्ण जनजागरण आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में संस्थापक राजीव वार्ष्णेय, विपिन वार्ष्णेय, कन्हैया वार्ष्णेय, जिला अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, जिला महामंत्री रविंद्र सिंह, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय, नीरज वार्ष्णेय, अंकित वार्ष्णेय, जिला उपाध्यक्ष वकील वार्ष्णेय सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ व्यापारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।












