सादाबाद 28 अगस्त । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिव शक्ति भवन में रक्षाबंधन पर्व आध्यात्मिक उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भाई-बहनों ने एक-दूसरे के प्रति प्रेम, स्नेह और सम्मान की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके भावना दीदी ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को रक्षा सूत्र बांधकर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर धागा बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि यह स्वयं की कमजोरियों और बुराइयों से रक्षा करने का संकल्प लेने का अवसर भी है। बीके भावना दीदी ने सभी को परमात्मा की स्मृति के साथ जीवन में पवित्रता, सकारात्मकता और श्रेष्ठ कर्मों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर दिया कि आज के समय में मनुष्य को बाहरी परिस्थितियों के साथ-साथ अपने भीतर उत्पन्न होने वाले नकारात्मक विचारों से भी स्वयं की रक्षा करनी चाहिए। क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष और नकारात्मक सोच मन की शांति को प्रभावित करते हैं। ऐसे में राजयोग और परमात्मा की स्मृति के माध्यम से मन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है, जिससे आंतरिक शांति बनी रहे। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश आत्मिक संबंधों को मजबूत करना और जीवन को पवित्र बनाना है। जब व्यक्ति स्वयं को बुराइयों से बचाने का संकल्प लेता है और दूसरों के प्रति प्रेम, शांति तथा सद्भाव की भावना रखता है, तभी इस पर्व का उद्देश्य सार्थक होता है। इस दौरान उपस्थित भाई-बहनों ने परमात्मा को याद करते हुए श्रेष्ठ जीवन जीने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज में प्रेम, शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश फैलाने की भावना भी व्यक्त की। रक्षा सूत्र बांधने के साथ सभी ने अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रण लिया।











