हाथरस 23 अगस्त । गणेश चतुर्थी एवं बलदेव छठ के आयोजन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री वेद भगवान की भव्य शोभायात्रा 14 सितंबर को निकाली जाएगी, जबकि बलदेव छठ 17 सितंबर को मनाई जाएगी। बैठक का शुभारंभ वेद विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। श्री वेद भगवान के शोभा चित्र एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज के चित्र को फूल मालाओं से सुसज्जित किया गया। इसके बाद अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ के साथ नागेंद्र पाठक, आचार्य मनोज द्विवेदी, भंवर सिंह पौरुष एवं डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किया।
बैठक में धर्माचार्यों एवं विद्वानों ने गणेश चतुर्थी की तिथि और शुभ मुहूर्त को लेकर विचार-विमर्श किया। बताया गया कि गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे प्रारंभ होकर 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। भगवान गणेश का जन्म मध्यान्ह काल में माना जाता है और पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। इसी के चलते श्री वेद भगवान की शोभायात्रा 14 सितंबर को निकाले जाने का निर्णय लिया गया। यह शोभायात्रा श्री दाऊजी महाराज के लक्खी मेले के शुभारंभ से भी जुड़ी हुई है।
सभा में वक्ताओं ने बताया कि इस बार बलदेव छठ तीन दिन बाद 17 सितंबर को मनाई जाएगी, जो इस आयोजन में विशेष अवसर होगा। बैठक में पं. बागीष दत्त गौड़, आचार्य डॉ. गणेश चंद्र वशिष्ठ, पं. उमेश चंद शर्मा, नागेंद्र पाठक, डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा एवं भंवर सिंह पौरुष सहित अन्य विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में कोषाध्यक्ष द्वारा गत वर्ष के आय-व्यय का विवरण भी प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। वहीं इस बार श्री वेद भगवान की शोभायात्रा को और भव्य बनाने के लिए बाहर से बैंड-बाजे एवं झांकियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में पंडित शैलेंद्र वशिष्ठ एवं पंडित देव स्वरूप शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभा के दौरान श्री वेद भगवान की जय, दाऊजी महाराज की जय, रेवती मैया की जय, सनातन धर्म की जय, पार्वती पतये हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा सभा स्थल गूंज उठा। अंत में प्रसाद वितरण एवं जलपान के साथ सभा का समापन हुआ।













