मथुरा 18 अगस्त। संस्कृति विश्वविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस खुले मंच पर गरिमामय और देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार में राष्ट्रप्रेम, एकता, अनुशासन और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. एम.बी. चेट्टी ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद छात्र कल्याण विभाग के डीन डॉ. डी.एस. राठौर और रजिस्ट्रार मनीष मिश्रा के साथ कुलपति ने एनसीसी कैडेट्स का निरीक्षण किया। एनसीसी दल ने कुलपति को गरिमापूर्ण गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। ध्वजारोहण के बाद देशभक्ति से ओतप्रोत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति ने पूरे परिसर को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। राष्ट्रीय ध्वज के फहराते ही उपस्थित लोगों ने गर्व और सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय हिंद’ और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और सैन्य भावना का प्रदर्शन करते हुए शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। कैडेट्स के कदमों की एकरूपता और आत्मविश्वास ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। मार्च पास्ट के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना का संदेश दिया गया।
खुले मंच से निदेशक कैप्स डॉ. राजनीश त्यागी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रखते हुए समाज और राष्ट्र के विकास से जोड़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग देशहित में करने के लिए प्रेरित किया। कुलपति डॉ. एम.बी. चेट्टी ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता के साथ नागरिकों के कर्तव्य भी जुड़े हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन, एकता और समर्पण के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है और युवाओं की सकारात्मक सोच तथा कर्मठता भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां दीं। गीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत की समृद्ध संस्कृति, विविधता और राष्ट्रीय एकता की सुंदर झलक प्रस्तुत की। प्रस्तुतियों को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने स्वतंत्रता के मूल्यों—एकता, अखंडता, समानता और राष्ट्रसेवा—को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के संयोजन एवं संचालन में रजिस्ट्रार रवि त्रिवेदी, संस्कृति स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सैना, डॉ. दुर्गेश वाधवा, प्रशासनिक अधिकारी विवेक श्रीवास्तव, सुरक्षा अधिकारी सुबोध सहित अन्य कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।












