
हाथरस 18 अगस्त। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत सेठ हरचरन दास गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने मन की बात, सपनों, अपेक्षाओं और सुझावों को पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक श्रीमती अंजुला सिंह माहौर ने की, जबकि जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा और मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वावलंबन, डिजिटल जागरूकता और नियमित लेखन के प्रति प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इसके बाद विद्यालय की प्रधानाचार्य ने अतिथियों का पटका पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। सदर विधायक श्रीमती अंजुला सिंह माहौर ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि पत्र लेखन केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और रचनात्मकता को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पत्र लेखन की परंपरा कम होती जा रही है, इसलिए छात्राओं को किताबें पढ़ने, लाइब्रेरी जाने और नियमित रूप से लिखने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने तथा पढ़ाई के साथ घर के कार्यों में माता-पिता का सहयोग करने की सलाह दी। विधायक ने ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में मिशन शक्ति हेल्पलाइन 1090 पर सूचना देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने छात्राओं को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के नाम लिखे गए उनके पत्र उन तक पहुंचाए जाएंगे।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल भाषण का अवसर नहीं, बल्कि छात्राओं के विचारों, सपनों और अपेक्षाओं को समझने का माध्यम है। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि यदि उन्हें एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का मौका मिले तो वे हाथरस में क्या बदलाव करना चाहेंगी और मुख्यमंत्री तक कौन-सी बात पहुंचाना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी किन मुद्दों को महत्व देती है और अपने भविष्य को किस दिशा में देखती है, इसे समझना जरूरी है। जिलाधिकारी ने छात्राओं को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने और विशेष रूप से संपादकीय पृष्ठ पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हमारी पसंद के अनुसार सामग्री दिखाते हैं, जिससे समय का पता नहीं चलता। इसलिए हर जानकारी को सही मानने के बजाय उसका विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता विकसित करना भी इसका उद्देश्य है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक का है। इंटरनेट ने पढ़ाई को आसान बनाया है, लेकिन डिजिटल दौर में लिखने और पढ़ने की बुनियादी आदत कमजोर हो रही है। ऐसे में ‘बैक टू बेसिक्स’ की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं से प्रतिदिन कुछ न कुछ लिखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कागज और कलम से लिखने की आदत विचारों को व्यवस्थित करने के साथ आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग जरूर करें, लेकिन पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता को कमजोर न होने दें। मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित ने छात्राओं से संवाद करते हुए सड़क पर बाईं ओर चलने तथा ज्ञान और विज्ञान के बीच अंतर जैसे विषयों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को दैनिक जीवन से जुड़े विषयों के पीछे के कारणों को समझने, प्रश्न पूछने और वैज्ञानिक एवं तार्किक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सदर विधायक, अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को टीका लगाकर राखी बांधी। छात्राओं ने अपनी मन की बात साझा करते हुए जनपद में लॉ कॉलेज की स्थापना सहित विभिन्न विकास कार्यों को लेकर अपनी अपेक्षाएं और सुझाव रखे। मुख्यमंत्री के नाम लिखे गए पत्रों में छात्राओं ने अपने सपनों, समस्याओं, अपेक्षाओं और हाथरस के विकास से जुड़े विचारों को व्यक्त किया। इस दौरान छात्राओं ने रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में अधिकारियों के साथ संवाद भी किया और अम्लीय एवं क्षारीय पदार्थों की जांच प्रक्रिया को समझा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और डिजिटल जागरूकता के साथ अपने विचारों को नियमित रूप से लिखने के लिए प्रेरित किया गया।












