
हाथरस 10 अगस्त। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के साथ आमजन की सहायता एवं सेवा के लिए हाथरस पुलिस द्वारा लगातार मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिसकर्मियों द्वारा अपने कर्तव्यों से आगे बढ़कर किए गए दो सराहनीय कार्य सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस के सेवा और संवेदनशीलता के चेहरे को उजागर किया है। कांवड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक मुख्य आरक्षी मनोज कुमार ने कांवड़ मार्ग पर सड़क में बने गड्ढों को देखा। श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने किसी का इंतजार किए बिना स्वयं फावड़ा उठाया और सड़क के गड्ढों को भरकर मार्ग को समतल करने में जुट गए। उनके इस कार्य में पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा के साथ श्रद्धालुओं के प्रति सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की भावना देखने को मिली। इसी तरह आरक्षी विपिन यादव ने भी मानवता और सामाजिक सेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने अपने वेतन से सामाजिक रूप से कमजोर एवं मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों को भोजन कराया। उनकी इस पहल से जरूरतमंद लोगों को भोजन के साथ सहारा और मदद मिली। आरक्षी विपिन यादव का यह प्रयास पुलिस के मानवीय एवं संवेदनशील स्वरूप को दर्शाता है।
दोनों पुलिसकर्मियों के सराहनीय कार्यों की पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा ने प्रशंसा की। एसपी ने ट्रैफिक मुख्य आरक्षी मनोज कुमार और आरक्षी विपिन यादव को उनके उत्कृष्ट एवं मानवीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना, श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखना और समाज के प्रति मानवीय संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना भी है। दोनों पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए कार्य हाथरस पुलिस की सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता का अनुकरणीय उदाहरण हैं। हाथरस पुलिस द्वारा अपने नियमित कर्तव्यों के साथ-साथ ‘सेवा एवं सहायता’ की भावना से जनसामान्य की मदद करने वाले पुलिसकर्मियों को लगातार प्रोत्साहित और सम्मानित किया जा रहा है, ताकि पुलिसकर्मियों में जनसेवा की भावना को और मजबूत किया जा सके।







