
हाथरस 10 अगस्त। जनपदवासियों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बागला संयुक्त चिकित्सालय की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं विस्तारित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने अस्पताल परिसर में संचालित एमडीटीवी अस्पताल में प्रस्तावित नई इमरजेंसी व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले करीब दो माह से बागला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। अस्पताल परिसर में लंबे समय से अनुपयोगी पड़े भवन के निचले तल को चिन्हित कर उसका जीर्णोद्धार एवं रिनोवेशन कराया जा रहा है, जिसमें नई इमरजेंसी को स्थानांतरित करने की तैयारी है। वर्तमान इमरजेंसी में सीमित स्थान होने के कारण लगभग 5 से 7 बेड की ही व्यवस्था हो पाती थी और अतिरिक्त मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर स्थिर करने के बाद वार्ड में भेजना पड़ता था। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद यहां करीब 18 बेड लगाए जा सकेंगे, जिससे एक साथ अधिक मरीजों को बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
नई इमरजेंसी में चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा मरीजों के तीमारदारों के लिए पर्याप्त स्थान एवं उचित बैठने की व्यवस्था का अभाव भी दूर किया जाएगा। तीमारदारों के लिए अलग एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होने से अस्पताल में भीड़ और अव्यवस्था को कम करने में मदद मिलेगी। अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट को हाल ही में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संचालित कराया गया है, जिससे अब ऑक्सीजन की आपूर्ति अस्पताल परिसर में ही की जा रही है। प्रस्तावित नई इमरजेंसी के निकट करीब 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट भी तैयार की जा रही है। इससे गंभीर अवस्था वाले मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी से तत्काल क्रिटिकल केयर यूनिट में स्थानांतरित किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे गंभीर मरीजों के उपचार और मेडिकल मैनेजमेंट में काफी सुविधा होगी। नई इमरजेंसी के शुरू होने से बागला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ आपातकालीन सेवाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में संचालित आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सालय को पुराने आपातकालीन कक्ष में स्थानांतरित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर से बीएसए कार्यालय, डीआईईटी कार्यालय और सार्वजनिक पुस्तकालय को जोड़ने के लिए सुगम मार्ग बनाए जाने को लेकर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। मार्ग बनने से छात्र-छात्राओं को पुस्तकालय आने-जाने में होने वाली परेशानी दूर हो सकेगी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को नई इमरजेंसी के संचालन से संबंधित सभी अवशेष कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जल्द ही नई व्यवस्थाएं जनपद की जनता को समर्पित की जा सकें। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।









