
हाथरस 03 जुलाई। चार वर्ष पुराने हत्या के मामले में हाथरस की अदालत ने दोषी अभियुक्त शनि उर्फ संतोष पाठक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मामला थाना हाथरस गेट क्षेत्र का है, जहां बैनामे के लिए दिए गए एडवांस रुपये हड़पने के उद्देश्य से मनोज कुमार की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। मामला 28 अप्रैल 2022 का है। वादी जितेंद्र सिंह ने थाना हाथरस गेट में तहरीर देकर बताया था कि उसके पिता मनोज कुमार का शनि उर्फ संतोष पाठक निवासी सोखना के साथ उठना-बैठना था। मनोज कुमार ने आदर्श नगर गली नंबर-2, मेंडू रोड स्थित एक मकान को खरीदने के लिए एडवांस रकम दी थी और उसका बैनामा 30 अप्रैल 2022 को होना तय था। आरोप था कि 27 अप्रैल की शाम करीब चार बजे शनि उर्फ संतोष पाठक मोटरसाइकिल पर बैठाकर मनोज कुमार को अपने घर ले गया।
परिजनों ने अगले दिन शनि के घर पहुंचकर देखा तो मनोज कुमार की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय शनि उर्फ संतोष पाठक और उसके पिता स्वदेश पाठक घर पर मौजूद थे। वादी ने आरोप लगाया था कि बैनामे के लिए दिए गए रुपये हड़पने के उद्देश्य से उसके पिता की गोली मारकर हत्या की गई। वादी की तहरीर पर थाना हाथरस गेट में मुकदमा अपराध संख्या 113/2022, धारा 302/120बी भादवि के तहत शनि उर्फ संतोष पाठक, स्वदेश पाठक और प्रवेश कुमार शर्मा उर्फ गुरु के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शनि उर्फ संतोष पाठक को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया। इस मामले में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान प्रवेश कुमार शर्मा उर्फ गुरु की नामजदगी गलत पाई गई, जिसके बाद धारा 120बी को हटा दिया गया और धारा 34 भादवि की बढ़ोतरी की गई। पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन करते हुए विवेचना पूरी की और आर्म्स एक्ट के मामले में 20 मई 2022 तथा हत्या के मामले में 25 जून 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा दिलाने के लिए शासन के निर्देश और पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत मामले की प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मॉनीटरिंग सेल द्वारा अभियोग की लगातार निगरानी की गई। न्यायालय में पुलिस एवं अभियोजन शाखा द्वारा प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 3 अगस्त 2026 को जनपद न्यायालय हाथरस में मामले का फैसला सुनाया गया। न्यायालय ने अभियुक्त शनि उर्फ संतोष पाठक को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा धारा 25 आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 27 आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। पुलिस के अनुसार प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को न्यायालय से कड़ी सजा दिलाई गई।










