
हाथरस 02 अगस्त । पूर्वोत्तर रेलवे के मेंडू स्टेशन और उत्तर मध्य रेलवे के हाथरस जंक्शन स्टेशन को रेल लाइन से जोड़ने की करीब दो दशक पुरानी योजना अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद उत्तर मध्य रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) शुरू करा दिया है। रेलवे के स्तर से शुरू किए गए सर्वे का कार्य इसी वर्ष नवंबर या दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद नई रेल लाइन के निर्माण, तकनीकी स्वीकृतियों और बजट आवंटन सहित आगे की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
करीब तीन किलोमीटर का होगा रेल लिंक
मेंडू और हाथरस जंक्शन स्टेशन के बीच दूरी करीब तीन किलोमीटर है। प्रस्तावित योजना के तहत करीब दो किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाकर दोनों रेल ट्रैक को जोड़े जाने की संभावना है। हालांकि दोनों रेल नेटवर्क को जोड़ने के लिए रेलवे को तकनीकी और इंजीनियरिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य करने होंगे, लेकिन लिंक तैयार होने के बाद रेलवे को एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।
दिल्ली-हावड़ा और मथुरा-कासगंज-बरेली-मैलानी रेलखंड जुड़ेंगे
यह परियोजना केवल हाथरस के लिहाज से ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के रेल नेटवर्क के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेल लिंक बनने के बाद उत्तर मध्य रेलवे के दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलखंड का सीधा संपर्क पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज-बरेली-मैलानी रेलमार्ग से हो सकेगा। इससे दोनों रेलवे जोन के बीच ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी। जरूरत पड़ने पर ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से संचालित करने का विकल्प भी रेलवे को मिलेगा। इससे किसी मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने, तकनीकी समस्या अथवा अन्य परिस्थितियों में रेल संचालन को अधिक लचीला बनाया जा सकेगा।
मथुरा-अलीगढ़ के बीच रेल संपर्क को मिलेगी नई दिशा
नई रेल लाइन बनने के बाद अलीगढ़ और मथुरा के बीच रेल संपर्क को भी नई दिशा मिलने की संभावना है। भविष्य में मथुरा से होकर मुंबई की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनों को हाथरस सिटी-मेंडू-हाथरस जंक्शन-अलीगढ़-खुर्जा मार्ग से संचालित किए जाने की संभावना बन सकती है। इसी तरह अलीगढ़, टूंडला और दिल्ली की दिशा से आने वाली ट्रेनों को भी हाथरस सिटी के रास्ते पूर्वोत्तर रेलवे के नेटवर्क पर भेजने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। इससे यात्रियों को नए रेल विकल्प मिलने के साथ-साथ रेलवे के परिचालन में भी लचीलापन बढ़ेगा।
करीब 80 किलोमीटर का होगा प्रस्तावित रेल सफर
वर्तमान में सड़क मार्ग से मथुरा और अलीगढ़ के बीच दूरी करीब 65 किलोमीटर है। प्रस्तावित रेल लिंक बनने के बाद रेल मार्ग से यह दूरी करीब 80 किलोमीटर होने का अनुमान है। इसमें मथुरा से मेंडू तक करीब 45 किलोमीटर, प्रस्तावित नई रेल कड़ी करीब तीन किलोमीटर और हाथरस जंक्शन से अलीगढ़ तक लगभग 32 किलोमीटर का रेल सफर शामिल होगा।
20 साल से उठ रही थी रेल लिंक की मांग
मेंडू और हाथरस जंक्शन को जोड़ने की मांग करीब 20 वर्षों से उठती रही है। हालांकि पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के बीच समन्वय से जुड़े कारणों के चलते यह योजना लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी। अब रेलवे बोर्ड की स्वीकृति और उत्तर मध्य रेलवे की पहल के बाद परियोजना ने गति पकड़ ली है। फिलहाल फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू हो चुका है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हाथरस जंक्शन से मेंडू के रेलवे लिंक को जोड़ने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू कर दिया गया है और उम्मीद है कि नवंबर या दिसंबर 2026 तक सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे के बाद निर्माण से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि निर्माण कार्य भी समयबद्ध तरीके से शुरू होता है तो आने वाले वर्षों में हाथरस देश के दो महत्वपूर्ण रेलवे नेटवर्क को जोड़ने वाले अहम रेल केंद्र के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर सकता है।
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