
हाथरस 31 जुलाई। नौकरीपेशा और व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए बिना विलंब शुल्क के आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि शुक्रवार है। अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं होने के चलते गुरुवार को शहर के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कर अधिवक्ताओं के कार्यालयों में करदाताओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से देर रात तक दस्तावेजों की जांच, आय-व्यय का मिलान, टीडीएस सत्यापन और ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने का कार्य तेजी से चलता रहा। कर विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष आयकर विभाग ने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म-26AS के माध्यम से करदाताओं के वित्तीय लेनदेन पर विशेष निगरानी रखी है। इसी कारण करदाता अपने फॉर्म-16, बैंक ब्याज, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से हुई आय तथा अन्य निवेश संबंधी विवरण का मिलान कराने में जुटे रहे। अंतिम समय में आयकर विभाग का पोर्टल धीमा होने से सीए और कर सलाहकारों को तकनीकी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों ने बताया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है तो आयकर अधिनियम की धारा 234एफ के तहत 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का विलंब शुल्क देना पड़ सकता है। इसके अलावा बकाया कर पर धारा 234ए के तहत प्रति माह एक प्रतिशत की दर से ब्याज भी देय होगा। समय पर रिटर्न दाखिल न करने से करदाताओं को अन्य नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। पांच लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले करदाताओं पर 5,000 रुपये तथा पांच लाख रुपये तक की आय वालों पर 1,000 रुपये तक की पेनाल्टी लग सकती है। साथ ही व्यापार या शेयर बाजार में हुए घाटे को आगामी वर्षों में समायोजित (कैरी फॉरवर्ड) करने का लाभ भी नहीं मिल सकेगा। आयकर विभाग के अनुसार वेतनभोगी कर्मचारियों, व्यक्तिगत करदाताओं और ऐसे छोटे व्यवसायियों, जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए बिना पेनाल्टी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। वहीं विशेष श्रेणी के कुछ गैर-ऑडिट मामलों के लिए 31 अगस्त तथा टैक्स ऑडिट वाले व्यवसायियों और कंपनियों के लिए 31 अक्तूबर तक आयकर रिटर्न दाखिल किया जा सकता है।





