
हाथरस 30 जुलाई। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर किला परिसर स्थित प्राचीन श्री दाऊजी महाराज मंदिर में परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ सेवादारी परिवर्तन की प्रक्रिया संपन्न हुई। धार्मिक अनुष्ठानों एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निवर्तमान सेवादार प्रमोद चतुर्वेदी (पुत्र कपिलदेव चतुर्वेदी) ने मंदिर की चाबियां एवं सेवादारी का दायित्व विधिवत मधुसूदन चतुर्वेदी को सौंप दिया। दाऊजी महाराज मंदिर में वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सेवादारों के बीच मंदिर की चाबियों एवं सेवा दायित्व का हस्तांतरण किया जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी नई सेवादारी का कार्यभार पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ ग्रहण कराया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने नई सेवादारी के सफल एवं मंगलमय कार्यकाल की कामना करते हुए दाऊजी महाराज से क्षेत्र में सुख, समृद्धि एवं धार्मिक आस्था बनाए रखने की प्रार्थना की। सेवादारी परिवर्तन के साथ ही वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले 115वें ऐतिहासिक श्री दाऊजी महाराज मेले की तैयारियों का भी औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है। आगामी दिनों में मेले के सफल आयोजन, सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि श्री दाऊजी महाराज का ऐतिहासिक मेला क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख प्रतीक है। इस मेले में जनपद सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु एवं भक्त दर्शन और मेले में सहभागिता के लिए पहुंचते हैं।






