हाथरस 24 जुलाई। सरस्वती महाविद्यालय में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत एवं उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के उद्देश्य से भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के तनाव को कम कर उन्हें आनंदमय, प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक वातावरण उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके उपरांत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित ने मुख्य अतिथि सदर एसडीएम राजबहादुर सिंह सहित सभी आमंत्रित कवियों का पटका एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। मुख्य अतिथि सदर एसडीएम राजबहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ साहित्य और संस्कृति का समन्वय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच, अनुशासन एवं सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहते हुए अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। हास्य कवि सम्मेलन में सुप्रसिद्ध आशु कवि अनिल बोहरे, हास्य-व्यंग्य कवि चंद्रगुप्त विक्रमादित्य तथा ग़ाफ़िल स्वामी ने अपनी ओजपूर्ण, व्यंग्यपूर्ण एवं हास्यरस से परिपूर्ण रचनाओं का पाठ कर उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों को खूब गुदगुदाया। वहीं महाविद्यालय के शिक्षक सुनील बेनीवाल ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी का भरपूर मनोरंजन किया। कवियों की प्रस्तुतियों पर पूरा सभागार बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों से गूंजता रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित ने कहा कि ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने, उनके व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक चिंतन एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए अध्ययन के साथ-साथ साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी, आनंददायक एवं अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य राजेश वार्ष्णेय, समाजसेवी जितेन्द्र, सर्वेश शर्मा, शिक्षकगण डॉ. अतीत श्रीवास्तव, डॉ. गोपेश सिंह, डॉ. आनंद चक्रवर्ती, डॉ. स्वतेंद्र सिंह, डॉ. गायत्री कुमारी, डॉ. फौजिया सिद्दीकी, डॉ. देव प्रकाश यादव, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. राकेश बाबू, डॉ. राजकुमार सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।









