
हाथरस 20 जुलाई। कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष पंडित विवेक उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि आज देर रात लगभग 12 बजे पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके आवास पर बिना किसी लिखित नोटिस, न्यायालय के आदेश अथवा वैधानिक कारण बताए हाउस अरेस्ट कर दिया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। जारी बयान में पंडित विवेक उपाध्याय ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति को रोकने का प्रयास नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन के पास कोई वैधानिक आदेश था तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को पुलिस भेजकर विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष की आवाज़ को दबाने, जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों को रोकने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी ऐसे किसी भी दबाव से डरने वाली नहीं है और जनता के अधिकारों, युवाओं, किसानों, मजदूरों तथा संविधान की रक्षा के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा। पंडित विवेक उपाध्याय ने कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि हाउस अरेस्ट, पुलिस दबाव या लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन से कांग्रेस की आवाज़ को दबाया जा सकता है, तो यह उसकी भूल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से इस कार्रवाई का कानूनी आधार सार्वजनिक करने, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








