
हाथरस 14 जुलाई। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने आज पुलिस कार्यालय स्थित सभागार कक्ष में दो माह का व्यवहारिक प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण संबंधी अभिलेखों एवं रजिस्टरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अनुशासन एवं अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आरक्षियों को बीट भ्रमण, एंटी रोमियो टीम की कार्यप्रणाली तथा पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि व्यवहारिक प्रशिक्षण का उद्देश्य आरक्षियों को वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी एवं जिम्मेदार पुलिसिंग के लिए तैयार करना है। पुलिस अधीक्षक ने मुख्यालय स्तर से संचालित ‘यक्ष ऐप’ के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी अपने-अपने बीट क्षेत्र से संबंधित समस्त सूचनाओं का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत अंकन ऐप पर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बीट क्षेत्र में निवास करने वाले नए अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, सक्रिय अपराधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर उनकी जानकारी तत्काल यक्ष ऐप पर अपडेट की जाए। साथ ही अपराधियों की गतिविधियों, नवीन सूचनाओं तथा अन्य आवश्यक पुलिस कार्यवाहियों का नियमित रूप से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है कि वह अपने बीट क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक एवं आपराधिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित रहे तथा स्थानीय नागरिकों से निरंतर संवाद स्थापित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने बताया कि यक्ष ऐप के माध्यम से बीट प्रणाली को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकता है, जिससे अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित कार्रवाई में सहायता मिलेगी। इस दौरान रिक्रूट आरक्षियों को यक्ष ऐप के विभिन्न फीचर्स, डेटा एंट्री प्रक्रिया, बीट प्रबंधन, अपराधियों की प्रोफाइल अपडेट करने की विधि तथा अन्य आवश्यक मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी भी दी गई। उन्हें निर्देशित किया गया कि ऐप पर दर्ज की जाने वाली प्रत्येक सूचना की शुद्धता एवं अद्यतन स्थिति का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। अंत में पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी रिक्रूट आरक्षियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एक संवेदनशील, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम पुलिस बल ही समाज में कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रख सकता है।









