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हाथरस 14 जुलाई। स्थानीय राजेंद्र लोहिया विद्या मंदिर में आज को विद्यालय का 33वां स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष पं. आशीष शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और निरंतर प्रयास के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मंडल टॉपर खुशी सिंह को मिला विशेष सम्मान

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय की होनहार छात्रा खुशी सिंह (कक्षा-12) रहीं, जिन्होंने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे मंडल में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें ₹11,000 की नगद पुरस्कार राशि, सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर विशेष रूप से सम्मानित किया। इसके अलावा हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

शिक्षा के साथ संस्कार भी हमारी पहचान: कपिल लोहिया

विद्यालय के प्रबंधक कपिल लोहिया ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि उसके विजन, मूल्यों और विद्यार्थियों के सपनों से होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी परिवेश के बीच शिक्षा की दूरी को समाप्त करना तथा विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ना रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने केवल पाठ्यक्रम तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि खेल, विज्ञान, कला और नवाचार के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए हैं।

स्थापना दिवस गौरवशाली यात्रा का उत्सव: प्रधानाचार्य

विद्यालय के प्रधानाचार्य कपिल भाटिया ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि विद्यालय की गौरवशाली यात्रा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि संस्थान की स्थापना का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार और राष्ट्र के लिए जिम्मेदार नागरिक तैयार करना रहा है। उन्होंने विद्यालय की सफलता का श्रेय शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों के परिश्रम और अभिभावकों के विश्वास को दिया तथा कहा कि आने वाले समय में भी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

विद्यालय में शुरू होगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा

समारोह के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, तार्किक सोच, समस्या समाधान, नवाचार एवं डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार हो सकें। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी पहचान केवल बड़े पदों से नहीं, बल्कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिक बनने से होनी चाहिए। उन्होंने सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ही जीवन में सफलता दिलाते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों, अभिभावकों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में स्थापना दिवस समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।

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