गाज़ियाबाद 10 जुलाई । प्रताप विहार में लंबे समय से बनी गंभीर जलभराव की समस्या को लेकर शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा और गाज़ियाबाद के जिलाधिकारी रवीन्द्र मांदड़ की सक्रिय पहल के बाद उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए 8 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और प्रताप विहार में जलभराव की गंभीर समस्या के साथ स्थानीय अधिकारियों की कथित लापरवाही एवं मिलीभगत की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि इस समस्या के कारण हजारों परिवार लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं और तत्काल प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। इधर, गाज़ियाबाद के जिलाधिकारी रवीन्द्र मांदड़ ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी। उन्होंने जलभराव की समस्या के पीछे संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की संस्तुति की। प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा और डीएम रवीन्द्र मांदड़ द्वारा शासन स्तर पर लगातार की गई पैरवी और शिकायत का असर यह हुआ कि आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने तत्काल प्रभाव से 8 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। समिति की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, लखनऊ के मुख्य अभियंता करेंगे। समिति में उप आवास आयुक्त मेरठ ज़ोन, अधीक्षण अभियंता (आवास एवं विकास परिषद) गाज़ियाबाद, जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता द्वारा नामित अधिकारी तथा अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-2 को सदस्य संयोजक सहित कुल आठ सदस्य शामिल किए गए हैं। आवास आयुक्त ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह 11 जुलाई को सुबह 11 बजे प्रताप विहार पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करे, जलभराव के कारणों की विस्तृत जांच करे तथा अपनी रिपोर्ट शीघ्र शासन को उपलब्ध कराए। प्रताप विहार के हजारों प्रभावित परिवारों के लिए इस कार्रवाई को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा और जिलाधिकारी रवीन्द्र मांदड़ की सक्रिय पहल और लगातार किए गए प्रयासों के कारण ही मामला शासन के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचा, जिसके बाद तत्काल जांच समिति गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।
























